यूक्रेन पर हमले के बाद रूस को एक और बड़ा झटका, भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनी इंफोसिस ने मॉस्को से समेटा कारोबार
बेंगलुरु, अप्रैल 13। यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद से दुनियाभर की कई बड़ी कंपनियों ने अभी तक रूस से अपना कारोबार समेट लिया है। इस लिस्ट में अब भारत की सॉफ्टवेयर कंपनी इंफोसिस का भी नाम जुड़ गया है। दरअसल, बुधवार को कंपनी की ओर से यह ऐलान किया गया कि कंपनी रूस से अपना कारोबार बाहर ले जा रही है। कंपनी ने बताया कि यह फैसला यूक्रेन पर रूसी आक्रमण और ब्रिटिश वित्त मंत्री ऋषि सनक पर हितों के टकराव के आरोपों के बाद लिया गया है।

आपको बता दें कि ऋषि सनक की पत्नी अक्षता मूर्ति की आईटी फर्म में लगभग 1 बिलियन डॉलर की हिस्सेदारी है, जिसकी स्थापना उनके पिता एन.आर. नारायण मूर्ति ने की थी। आलोचकों ने सनक पर अपनी पत्नी की हिस्सेदारी के माध्यम से रूस में इन्फोसिस के संचालन से आर्थिक रूप से लाभान्वित होने का आरोप लगाया है। इंफोसिस ने कहा है कि Oracle Corp और SAP SE समेत वैश्विक IT और सॉफ्टवेयर कंपनियों की तरह ही दूसरे विकल्पों की तलाश कर रही है। इन सभी कंपनियों ने रूस में अपने सभी ऑपरेशंस को या तो सस्पेंड कर दिया या रोक दिया है।
आपको बता दें कि इंफोसिस का मॉस्को से अपना कारोबार समेट लेने इसलिए भी हैरानी वाली बात है कि भारत के रूस के साथ संबंध बहुत अच्छे हैं और जब से यह जंग शुरू हुई है तभी से भारत ने वैश्विक मंच पर ना तो रूस का साथ दिया है और न ही यूक्रेन का। ऐसे में एक भारतीय कंपनी का मॉस्को से अपना कारोबार समेट लेना जरूर भारत-रूस के संबंधों पर असर डाल सकता है।
कुछ दिन पहले IBM ने भी रूस में अपने कारोबार को बंद कर दिया था, जबकि माइक्रोसॉफ्ट और एप्पल ने भी अपना कारोबार वहां बंद कर दिया था। सोनी ने भी यह कहा कि उसने रूस को "सभी सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर शिपमेंट को निलंबित कर दिया।" साथ ही साथ देश में PlayStation स्टोर के ऑपरेशन को भी रोक दिया है।












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