Hasimara एयरबेस पर तैनात किया गया राफेल स्क्वाड्रन, भारत को अब तक मिले 26 विमान
नई दिल्ली, जुलाई 28: रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने बुधवार को कहा कि भारत ने अब तक डसॉल्ट एविएशन से 36 में से 26 राफेल विमान प्राप्त किए हैं। अजय भट्ट ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में कहा कि, 36 राफेल विमानों की डिलीवरी तय समय के मुताबिक चल रही है, अभी तक, कुल 26 विमानों को भारत भेजा गया है। वहीं दूसरी ओर आज पश्चिम बंगाल के हाशिमारा हवाई अड्डे पर राफेल विमान के दूसरे स्क्वाड्रन को शामिल किया गया। 101 स्क्वॉड्रन की शुरुआत करीब आधा दर्जन राफेल विमानों से हो रही है। इस मौके पर एयरबेस पर एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया मौजूद थे।
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फ्रांसीसी एयरोस्पेस प्रमुख डसॉल्ट एविएशन द्वारा निर्मित बहु-भूमिका वाले राफेल जेट, हवाई श्रेष्ठता और सटीक हमलों के लिए जाने जाते हैं। पहला राफेल विमान पिछले साल 29 जुलाई को देश में आया था। इससे चार साल पहले 36 राफेल विमानों की खरीद के लिए 59,000 करोड़ रुपये के सौदे पर भारत और फ्रांस की सरकारों ने हस्ताक्षर किये थे। अभी तक मिले 26 राफेल में 24 भारत पहुंचे हैं और 2 फ्रांस में ही हैं ट्रेनिंग के लिए रखे गए हैं।
रूस से सुखोई जेट आयात किए जाने के बाद 23 वर्षों में राफेल जेट भारत का पहला मुख्य लड़ाकू विमान है। राफेल जेट कई तरह के शक्तिशाली हथियार ले जाने में सक्षम है। इसके अलावा राफेल लड़ाकू विमान का कॉम्बैट रेडियस 3700 किलोमीटर है, साथ ही ये दो इंजन वाला विमान है जिसको भारतीय वायुसेना को दरकार थी। राफेल में तीन तरह की मिसाइल लगाई जा सकती हैं।
एक बार फ्यूल भरने पर यह लगातार 10 घंटे की उड़ान भर सकता है। ये हवा में ही फ्यूल को भर सकता है। वहीं पश्चिमी और पूर्वी थिएटर में राफेल के शामिल होने के बाद भारत की युद्ध करने की क्षमता कई गुना बढ़ गई है। हवा से हवा में मार करने वाली मीटियोर मिसाइल, हवा से जमीन में मार करने वाल स्कैल्प मिसाइल और हैमर मिसाइल।












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