Indian Railways:यात्रियों के लिए अच्छी खबर, क्या है रेल कर्मचारियों की कर्मयोगी ट्रेनिंग ? जानिए
नई दिल्ली, 2 मई: भारतीय रेलवे बदलते समय के मुताबिक खुद को ढालने के लिए लगातार कोशिशें कर रहा है। इसी कड़ी में पिछले कुछ समय से मिशन रेल कर्मयोगी ट्रेनिंग पर खास फोकस किया जा रहा है। रेलवे को उम्मीद है कि इसके जरिए यात्रियों के उसके प्रति नजरिए में और सुधार लाया जा सकता है और रेल यात्रा करने वाले लोगों के सफर के आनंद को और बढ़या जा सकता है। इस ट्रेनिंग में मानवीय पहलुओं पर फोकस किया जा रहा है, ताकि रेल कर्मचारी जनता के साथ व्यवहार करने में अपने आपको और अच्छे से तैयार करें, धैर्य से उनकी बातें सुनें और किसी तरह की दिक्कत हो तो उसका समाधान करने की कोशिश करें, ताकि यात्रियों को सुखद यात्रा का अहसास मिल सके।

क्या है रेल कर्मचारियों की कर्मयोगी ट्रेनिंग ?
भारतीय रेलवे अपने कर्मचारियों को रेल कर्मयोगी ट्रेनिंग दिला रहा है। हाल ही में भोपाल में भी यह ट्रेनिंग दी गई है, जिसके बारे में डीआरएम सौरभ बंदोपाध्याय ने कहा है कि इसका मकसद कर्मचारियों को उनके काम के प्रति ईमानदार बनाने और यात्रियों से अच्छा बर्ताव करने के साथ-साथ उनकी परेशानियों का निदान करना है। इसी तरह से हाल ही में सियालदह डिविजन में भी फ्रंटलाइन स्टाफ को मिशन रेल कर्मयोगी के तहत ट्रेनिंग दी गई है। इसके जरिए उनकी कार्य की दक्षता बढ़ाना है और उनमें यात्री केंद्रित संस्कृति विकसित करनी है। जिसमें यात्रियों से शिष्टाचार पूर्वक बर्ताव, धैर्य के साथ उनकी बातें सुनकर उनका समाधान निकालना शामिल है।

रेलवे के कई डिविजनों में चल रही है ट्रेनिंग
रेलवे का मानना है कि इसके कर्मचारी सीधे यात्रियों और आम जनता के संपर्क में होते हैं, इसलिए उनके काम के तरीके में उच्च मानक होना जरूरी है। बंदोपाध्याय ने कहा, 'यह ट्रेनिंग कैंप उन्हें अपनी ड्यूटी प्रभावी तरीके से करने, आम जनता को बेहतर सेवा देने और लोगों के बीच रेलवे की छवि उन्नत करने के लिए है।' हाल के दिनों में भोपाल और सियालदह समेत इटारसी, भुवनेश्वर, पलक्कड और बेंगलुरु समेत देश में कई जगहों पर आयोजित की गई है। भोपाल में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एक सप्ताह तक चला। यह कैंप डीआरएम बंदोपाध्याय और सीनियर डिविजनल कॉमर्शियल मैनेजर प्रियंका दीक्षित के निर्देशन में आयोजित हुआ, जिसमें लखनऊ स्थित इंडियन रेलवे ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट से खास दिशा-निर्देश लेकर आए रेलवे के 11 स्टाफ ने भी शिरकत की। (ट्रेनिंग की तस्वीर सौजन्य- ट्विटर)

कस्टमर सेंट्रिक वर्क कल्चर में सुधार की कोशिश
इस कार्यक्रम के तहत स्टेशन मास्टर, टिकट चेकिंग स्टाफ, बुकिंग क्लर्क और गुड्स क्लर्क को ट्रेनिंग देकर उन्हें फ्रंटलाइन स्टाफ को ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी दी जा रही है। इसका उद्देश्य रेल कर्मचारियों में सेवा-भाव बढ़ाकर उन्हें सकारात्मकता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार करना है, ताकि रेल यात्रियों को यात्रा के दौरान एक सुखद अनुभव मिले। हाल ही में पूर्वी रेलवे के सियालदह डिविजन के डीआरएम के ट्विटर हैंडल से ट्रेनिंग की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा गया है, 'मिशन रेल कर्मयोगी के तहत सियालदह डिविजन फ्रंटलाइन स्टाफ की ट्रेनिंग आयोजित कर रहा है, जिसका लक्ष्य कार्य की दक्षता बढ़ाने और कस्टमर सेंट्रिक वर्क कल्चर में सुधार करने करना है।'












Click it and Unblock the Notifications