रेलवे को इस रूट में है यात्रियों की तलाश, 75% से ज्यादा सीटें चल रही हैं खाली
नई दिल्ली- भारतीय रेलवे ने हाल ही में पूरे तामझाम के साथ कुछ जोन में होलीडे स्पेशल ट्रेनों की शुरुआत की है। लेकिन, कोंकण रेलवे को यात्री मिल ही नहीं रहे। ज्यादातर सीटें खाली चल रही हैं। इसकी वजह ये बताई जा रही है कि ऐसा नहीं है कि ट्रेन से लोग सफर नहीं करना चाह रहे हैं। बल्कि लोग गणेश पूजा जैसे त्योहारों के लिए पहले ही अपने घर जा चुके हैं, इसलिए अब रेलवे की सीटें बुक ही नहीं हो पा रही हैं। हैरानी की बात ये है कि महाराष्ट्र में यह समस्या सिर्फ ट्रेनों के साथ ही नहीं आ रही है, विशेष सरकारी बसों को भी पैसेंजर नहीं मिल रहे। अलबत्ता बसों में यात्रियों के नहीं जुट पाने की वजह और भी दिलचस्प है।

कोंकण रेलवे को इस रूट में है यात्रियों की तलाश
महाराष्ट्र में गणपति उत्सव को देखते हुए भारतीय रेलवे ने त्योहार स्पेशल ट्रेनों की शुरुआत की है, लेकिन कोंकण रेलवे को यात्री नहीं मिल पा रहे। शनिवार को जो पहली चार ट्रेनें मुंबई से कोंकण के लिए रवाना हुई हैं, उनमें 25 फीसदी यात्रियों ने भी बुकिंग नहीं कराई थी। यही नहीं 22 अगस्त तक की बुकिंग देखने से अंदाजा लग जाता है कि आगे भी यही हाल रहने वाला है, जबकि तबतक त्योहार की भी शुरुआत हो रही है। पैसेंजर एसोसिएशन के मुताबिक इन ट्रेनों के प्रति यात्रियों की उदासीनता की मुख्य वजह ये है कि सेंट्रल रेलवे ने होलीडे स्पेशल ट्रेनें चलाने में बहुत देर कर दी है। उनके मुताबिक, 'करीब 80 फीसदी लोग पहले ही कोंकण में अपने गंतव्य तक पहुंच चुके हैं। वे इसलिए पहले निकल गए, क्योंकि गांव पंचायतें दूसरे शहरों से आने वालों को 10 दिन के लिए होम-क्वारंटीन रहने को कह रहे हैं। इसलिए आप यदि आज निकलते हैं, तो इसका मतलब कि आधा त्योहार तो आपको घर में बंद रहकर ही बिताना पड़ेगा।'

सिर्फ 52 पैसेंजर को लेकर निकली पहली ट्रेन
ट्रेनों में यात्रियों की मौजूदगी का आलम ये है कि पहली ट्रेन जो शनिवार को मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस से रात 8.30 बजे रत्नागिरी के लिए निकली, उसमें सिर्फ 52 यात्री ही सवार थे। जबकि, उसकी क्षमता 1638 बर्थ या सीटों की थी। दूसरी ट्रेन रात 10 बजे छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनिस से सावंतवाड़ी रोड स्टेशन के लिए महज 96 यात्रियों को ही लेकर रवाना हो सकी। सिर्फ ट्रेनों की ही नहीं, महाराष्ट्र स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की स्पेशल बसों की भी स्थिति इससे बेहतर नहीं है। पिछले कुछ दिनों से उसमें भी बहुत ही कम यात्री सफर कर रहे हैं। मसलन, 13 अगस्त को कोंकण के लिए जो विशेष बस निकली उसमें सिर्फ 5 यात्री ही बैठे थे। दरअसल, उसी दिन से एमएसआरटीसी ने यह अनिवार्य कर दिया था कि हर यात्री को सफर के दौरान कोविड-19 की निगेटिव टेस्ट रिपोर्ट लेकर आना होगा। एक एमएसआरटीसी अधिकारी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि 'टेस्ट में ही 2000 रुपये लग जाते हैं। इसलिए जाहिर है कि कोई नहीं आ रहा।'

यात्रियों के लिए कोविड-19 गाइडलाइंस का पालन जरूरी
6 अगस्त से एमएसआरटीसी ने मुंबई से कोंकण के अलग-अलग हिस्सों के लिए 11,000 टिकटों की बुकिंग की है। सच तो यह है कि कोविड-19 निगेटिव टेस्ट रिपोर्ट को अनिवार्य बनाए से एक दिन पहले यानि 12 अगस्त को मुंबई से 103 बसें कोंकण के लिए रवाना हुई थीं, जिसमें से 50 में तो यात्रियों के समूह ने बुकिंग करवाई थी। गौरतलब है कि रेलवे ने भी यात्रियों के लिए कोविड-19 से जुड़े आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य किया है और सिर्फ उन्हें ही यात्रा की इजाजत दी जाती है, जो संबंधित गाइडलाइंस का पालन करते हैं।
(तस्वीरें प्रतीकात्मक)












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