रेलयात्रियों को एक और झटका! अब ट्रेन में मिलने वाले खाने में भी होगी कटौती
यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए अब रेलवे खाने की मात्रा भी कम करने जा रही है। जी हां! अब आपको पहले के मुकाबले ट्रेनों में कम खाना दिया जाएगा। रेलवे ने तय किया है कि अब से ट्रेनों में परोसे जाने वाले खाने की मात्रा से ज्यादा ध्यान उसकी गुणवत्ता पर दिया जाएगा।
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नई दिल्ली। यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए अब रेलवे खाने की मात्रा भी कम करने जा रही है। जी हां! अब आपको पहले के मुकाबले ट्रेनों में कम खाना दिया जाएगा। रेलवे ने तय किया है कि अब से ट्रेनों में परोसे जाने वाले खाने की मात्रा से ज्यादा ध्यान उसकी गुणवत्ता पर दिया जाएगा। साथ ही रेलवे को खाने की ज्यादा मात्रा देने पर भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है, रेलवे को उम्मीद है कि खाने की मात्रा कम होने पर वो नुकसान कम होगा। इसकी शुरुआत राजधानी और शताब्दी जैसी 27 ट्रेनों से किया जाएगा, जिसमें आईआरसीटीसी सीधे खाना मुहैया कराती है।

200 ग्राम तक हो सकती है कटौती
ट्रेनों में परोसे जाने वाले मेन्यू को लेकर बनाई गई एक कमेटी की सिफारिशों को रेलवे लागू करने जा रहा है। इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) ने तय किया है कि ट्रेनों में मिलने वाले खाने की मात्रा को कम कर उसकी गुणवत्ता पर अधिक ध्यान दिया जाएगा। कमेटी के अनुसार एक सामान्य भारतीय की डाइट 700 ग्राम होती है, वहीं फिलहाल रेलवे में 900 ग्राम खाना दिया जा रहा है। रेलवे अब खाने में 200 ग्राम की कटौती करने वाला है। खाने में कटौती कर उसकी गुणवत्ता पर ध्यानन दिया जाएगा, जिससे यात्रिओं को बेहतर खाना दिया जा सके।

'रेलवे बोर्ड ने मेन्यू बदलने को कहा'
आईआरसीटीसी अधिकारी के मुताबिक, 'भोजन के लिए कीमत स्थिर है और वर्षों से नहीं बढ़ी है, हालांकि हमारे द्वारा दिए की जाने वाली आइटम की कीमत में काफी वृद्धि हुई है। जब हमने मूल्य वृद्धि के लिए रेलवे बोर्ड से संपर्क किया, तो उन्होंने हमें कीमत बढ़ाने के बजाय मेनू को तर्कसंगत बनाने के लिए कहा। अब हम ट्रेनों में सेवा और खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता में सुधार के लिए कई उपाय कर रहे हैं।' इसलिए आईआरसीटीसी ने थाली से कई खाने के आइटम हटाने का निर्णय लिया है।

थाली से गायब हो जाएंगी ये चीजें
आईआरसीटीसी ने रेलवे बोर्ड को बताया कि खाने में परोसी जाने वाली दाल 150 ग्राम की बजाय अब 120 ग्राम दी जाएगी, साथ ही मांसाहारी खाने में बोनलेस चिकन दिया जाएगा। खाने की थाली में एक सूखी सब्जी भी रखी जाएगी। राजधानी ट्रेनों में मिलने वाला सूप, बटर और ब्रेडस्टीक आपके मेन्यू से अब गायब हो जाएगा। लंबी यात्रा करने वाले यात्रियों को दूसरी बार जो खाना दिया जाएगा, उसमें पूरी थाली नहीं होगी बल्कि वन-बाउल मील होगा, जैसे राइस-बाउल मिलता है।

केटरिंग स्टाफ के लिए भी बढ़ा मानक
खाने की गुणवत्ता के साथ ही यात्रियों को बेहतर थालियों में खाना परोसा जाएगा। प्लास्टिक ट्रे की बजाय अब खाना डिसपोजेबल प्लेट्स में आएगा, जो बायोडिग्रेडेबल होंगी। साफ-सफाई के लिए रेलवे यात्रियों को सैनिटाइजर देने की भी योजना बना रहा है। इसके साथ ही भारतीय रेलवे ने ट्रेनों के लिए केटरिंग स्टाफ का मानक भी बढ़ा दिया है। वेटर पदों के लिए अब नेशनल स्किल डेवलेपमेंट कॉर्पोरेशन या किसी अन्य मान्यताप्राप्त संस्थान से डिपलोमा होना जरूर होगा।

शताब्दी और राजधानी ट्रेनों में ट्रायल शुरू
आईआरसीटीसी ने बताया है कि केटरिंग स्टाफ के कपड़े सभी ट्रेनों में एक से होंगे। फिलहाल रेलवे निजामुद्दीन-मुंबई राजधानी में खाने के नए मेन्यू का ट्रायल कर रही है। इसके अलावा चार राजधानी और चार शताब्दी ट्रेनों में बायोडिग्रेडेबल प्लेट्स का ट्रायल मंगलवार से शुरू किया जाएगा। अगर ट्रायल सफल रहता है तो इसे जल्द से जल्द सभी राजधानी और शताब्दी ट्रेनों में लागू कर दिया जाएगा।
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