इजरायल भेजी गईं भारतीय मिसाइलें, दक्षिण कोरिया में फंसी

Indian Missiles
नई दिल्ली। इजरायल के गाजा पर हमला बोलने के कारण भारत की मिसाइलें दक्षिण कोरिया में फंस गई हैं। ये वो मिसाइले हैं जिन्हें इजरायल पहुंचाया जाना है। इन मिसाइलों का निर्माण भारत के डिफेंस रिसर्च एंड डवलपमेंट आर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) और इजरायल एरोस्पेस इंडस्ट्रीज ने किया है। भारत की रक्षा तैयारी को गति देने के लिहाज से इन मिसाइलों को बेहद अहम माना जा रहा है।

कैसे फंस गईं भारतीय मिसाइलें

हुआ यूं कि रक्षा अनुसंधान में एक कदम आगे बढ़ाते हुए डीआरडीओ ने जिस मिसाइल का निर्माण किया, उसे परीक्षण के इजरायल भेजा जाना था। जुलाई 2014 में दक्षिण कोरिया की एक एयरलाइंस के एक विमान में मिसाइलों को लोड कर रवाना कर दिया गया।

इन मिसाइलों को लेकर कोरियन एयरलाइंस का विमान सियोल पहुंचा ही था कि इजरायल ने गाजा पर हमला बोल दिया। इजरायल ने पिछली 8 जुलाई से गाजा पर हमले बोलने शुरू किए थे। हमले के बीच तमाम सुरक्षा कारणों को देखते हुए कोरिया सरकार ने मिसाइलों को वहीं रोक दिया। यही कारण है कि कारण से मिसाइलें परीक्षण के लिए इजरायल की राजधानी तेलअवीव नहीं जा पा रही हैं। फिलहाल कोरिया एयर के अन्य विमान भी तेल अवीव भी नहीं जा रहे हैं। सभी उड़ानें स्थगित हैं।

असमंजस में भारत सरकार

यहां दिल्ली में रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि अधिकारियों को समझ नहीं आ रहा कि इस सारी स्थिति के चलते किस तरह से मिसाइलों को इजरायल पहुंचाया जा सके। पता चला है कि इन मिसाइलों का कायदे से इजरायल में परीक्षण चार-पाँच माह पहले पूरा हो जाना चाहिए था। एक तो परीक्षण के लिए मिसाइल भारत से देऱ से भेजी गईं और फिर इजरायल के गाजा पर हमले के कारण परीक्षण की साऱी प्रक्रिया लटक गई। परीक्षण के लिए भेजी गई मिसाइलों का नाम एलआर-एसएम मिसाइल है।

इजरायल में परीक्षण के बाद ही भारत इन मिसाइलों की ताकत का अंदाजा लगा पायेगा और उसी के आधार पर अन्य मॉडल तैयार किये जायेंगे।

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