Make in India: 400 करोड़ रुपए में 6 स्‍वाति रडार सिस्‍टम खरीदेगी सेना

नई दिल्‍ली। रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया को आगे बढ़ाने के मकसद से सेना ने एक बड़ा फैसला लिया है। सेना डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) की तरफ से विकसित छह स्‍वाती वेपन लोकेटिंग रडार्स को खरीदेगी। बताया जा रहा है कि यह डील 400 करोड़ रुपए से ज्‍यादा की है और रक्षा मंत्रालय की तरफ से बुधवार को होने वाली मीटिंग में इस पर फैसला लिया जाएगा। रक्षा सूत्रों के हवाले से न्‍यूज एजेंसी एएनआई ने यह जानकारी दी है।

दुश्‍मन के हथियारों की जानकारी

दुश्‍मन के हथियारों की जानकारी

डीआरडीओ की तरफ से तैयार स्‍वाती रडार्स को भारत इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स लिमिटेड (बेल) की तरफ से निर्मित किया गया है। हाल ही में इस रडार सिस्‍टम को विदेशी सेना को भी सप्‍लाई किया गया है। स्‍वाती वेपन लोकेटिंग रडार की मदद से 50 किलोमीटर के दायरे में दुश्‍मन के हथियारों जैसे मोर्टार शेल्‍स और रॉकेट के बारे में सेना तेज, ऑटोमैटिक और सटीक लोकेशन की जानकारी मिल सकेगी। ये सिस्‍टम चरणबद्ध तरीके से काम करता है। इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह दुश्‍मन की तरफ से आने वाले आर्टिलरी और रॉकेट फायर के बारे में कुछ ही मिनटों में पता लगा सकता है।

अप्रैल 2002 में मिली थी प्रोजेक्‍ट को मंजूरी

अप्रैल 2002 में मिली थी प्रोजेक्‍ट को मंजूरी

सेना की तरफ से फायर फाइंडिंग्‍स रडार्स से जुड़े एक प्रोजेक्‍ट को 80 के दशक में लॉन्‍च किया गया था। स्‍वाति वेपन लोकेटिंग रडार प्रोजेक्‍ट को अप्रैल 2002 में पहली बार मंजूरी मिली थी। उस समय इस प्रोजेक्‍ट को 20 करोड़ की अनुमानित लागत के साथ मंजूरी दी गई थी। इस प्रोजेक्‍ट को 40 माह के अंदर पूरा होना था। पहला प्रोटोटाइप अप्रैल 2004 में तैयार हुआ था। फाइनल प्रोजेक्‍ट की लागत 49 मिलियन डॉलर तक थी। जनवरी 2003 में बेल की तरफ से 28 वेपन लोकेटिंग रडार्स की खरीद का प्रस्‍ताव दिया गया था।

जम्‍मू कश्‍मीर में हो रहा है ट्रायल

जम्‍मू कश्‍मीर में हो रहा है ट्रायल

रडार एक साथ अलग-अलग जगहों से फायर होने वाले कई हथियारों के बारे में भी पता लगा सकती है। इंडियन आर्मी इन रडार्स को जम्‍मू और कश्‍मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर प्रयोग कर रही है। सेना को ट्रायल के तौर पर यह रडार साल 2018 में दिया गया था। सेना की तरफ से देश में ही तैयार उपकरणों की खरीद को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके लिए सेना इंडियन वेंडर्स पर ही भरोसा कर रही है। सेना को भारतीय उत्‍पादकों की तरफ से हाल ही में आर्टिलरी गन्‍स भी दी गई हैं। भारत ने अर्मेनिया को हाल ही में यह रडार सिस्‍टम बेचा है।

101 विदेशी हथियार बैन

101 विदेशी हथियार बैन

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को 'आत्मनिर्भर भारत अभियान' को लॉन्‍च किया है। उन्‍होंने इस अभियान को आत्मविश्वास बढाने का विजन बताया और कहा कि दूसरों के बल पर निर्भर रहकर कभी भी आत्मविश्वास नहीं बढाया जा सकता। रविवार को रक्षा मंत्रालय ने सेना, वायुसेना और नौसेना की सलाह के बाद 101 रक्षा उत्‍पादों के आयात को बैन कर दिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इससे जुड़ी एक निगेटिव लिस्ट भी जारी की थी इस लिस्‍ट में बंदूक से लेकर मिसाइल तक के आयात पर बैन लगाया गया है।

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