Video: सेना ने किया बिहार रेजीमेंट को सलाम, कहा-ये Bat नहीं, Batman हैं!
नई दिल्ली। सेना ने बिहार रेजीमेंट के शौर्य को सलाम किया है। इंडियन की तरफ से रोंगटे खड़े कर देने वाला एक वीडियो ट्वीट किया और इस वीडियो के जरिए देश को इस रेजीमेंट की वीरता के बारे में बताया गया है। वीडियो में बताया गया है कि कैसे 21 साल पहले हुई कारगिल की जंग से लेकर अब तक यह रेजीमेंट देश की सेवा में सदैव तत्पर है। आपको बता दें कि 15 जून को पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हुए हिंसक संघर्ष में भी बिहार रेजीमेंट के ही जाबांज थे जिन्होंने चीनी जवानों को धूल चटा दी थी।

बिहार रेजीमेंट के शेर
सेना की नॉर्दन कमांड की तरफ से वीडियो ट्वीट किया गया। एक मिनट 57 सेकेंड वाले इस वीडियो में सेना ने रेजीमेंट के कारगिल की जंग में दिए गए उसके अमूल्य योगदान को याद किया है। वीडियो का कैप्शन है, 'बिहार रेजीमेंट के शेरों और ध्रुव वॉरियर्स की यह कहानी है। इन्होंने युद्ध के लिए ही जन्म लिया है। ये चमगादड़ नहीं बल्कि बैटमैन हैं।' वीडियो के नैरेटर मेजर अखिल प्रताप हैं और उन्हें कहते हुए सुना जा सकता है, 'आज से 21 साल पहले आज का ही माह था। बिहार रेजीमेंट ने कारगिल के घुसपैठियों की नाक तोड़ दी थी। वो ऊंचाई पर थे और वो पूरी तरह से तैयार थे। वह अपनी बंदूकों के साथ गए और शौर्य के साथ वापस लौटे। 1857, 1948, 1965, 1971 और 1999, इन्होंने वो किया जिसके लिए इनका जन्म हुआ था। यह बैट नहीं बैटमैन हैं।' वीडियो के अंत में रेजीमेंट का युद्ध उदघोष 'जय बजरंगबली' सुना जा सकता है।
दुनिया ने माना बिहार रेजीमेंट का लोहा
गलवान चीन की कायराना हरकत का जिस तरह से भारतीय सेना की बिहार रेजीमेंट के जवानों ने जवाब दिया है उसका लोहा पूरी दुनिया मान चुकी है। हर तरफ बिहार रेजीमेंट के जवानों की ही चर्चा हो रही है। इससे पहले भी बिहार रेजीमेंट के जवानों ने देश के दुशमनों के खिलाफ अदम्य साहस और शौर्य का परिचय दिया है। पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय सेना की चीनी सेना के जवानों से आमना-सामना हुआ था। इस लड़ाई में 16 बिहार रेजीमेंट के कमांडिंग ऑफिसर (सीओ) कर्नल संतोष बाबू और उनके साथ 20 सैनिक शहीद हो गए थे।

फ्रैक्चर के बाद भी लड़ते रहे
15/16 जून को 16 बिहार रेजीमेंट के कमांडिंग ऑफिसर (सीओ) कर्नल संतोष बाबू और उनके साथी जवानों पर चीनी सैनिकों ने तेज धारदार हथियार का प्रयोग किया था। इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि शहीद सैनिकों के शरीर में कई जगह फ्रैक्चर भी थे। सभी सैनिकों ने बहुत ही बहादुरी के साथ चीनी जवानों के हमले का सामना किया और उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इन सैनिकों की शौर्य गाथा को सलाम किया है। उन्होंने कहा, 'देश को इस बात का गर्व होगा कि हमारे सैनिक मारते-मारते, मरे हैं।' भारत और चीन के सैनिकों के बीच हैंड-टू-हैंड कॉम्बेट जिस जगह पर हुई वह काफी संकरी है और यहां पर कई घंटों तक सैनिक आपस में लड़ते रहे।
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डॉक्टरों को भी सैनिकों पर गर्व
कई भारतीय सैनिकों को या तो ऊंचाई से धक्का दे दिया गया था या फिर वह गलवान नदी में डूब गए थे। नदी का पानी बहुत ठंडा था और ठंड की वजह से भी कुछ सैनिकों की जान गइई है। लेह के सोनम नुरबू मेमोरियल हॉस्पिटल के डॉक्टर के हवाले से अखबार ने बताया है, 'शहीद सैनिकों के शव देखने से इस बात का पता लगता है कि उन्होंने कितनी बहादुरी से चीनी सैनिकों का सामना किया था। ऐसा लगता है कि उन्होंने कई चीनी सैनिकों को मरने से पहले मारा था। उनके घाव से लगता है कि उन पर तेज धारदार हथियार से कई बार वार किया गया था। कई सैनिकों के कई अंगों की हड्डियां भी टूटी हुई थीं।'

CO बाबू पर हमले से गुस्साए सैनिक
16 रेजीमेंट के जवान उस समय आक्रामक हो गए थे जब सीओ कर्नल बाबू और दो जवानों चीनी सैनिकों के हमले में शहीद हो गए थे। इसके बाद भारतीय जवानों ने पूरे जोश के साथ हमला बोला। घायल जवानों ने अस्पताल के स्टाफ को बताया कि चीनी सैनिकों के पास जो कुछ भी था, उन्होंने उसे छीन लिया और फिर उन पर पूरी ताकत के साथ हमला बोला था। गलवान घाटी में हुई हिंसा के बाद करीब 230 किलोमीटर दूर लेह से सेना ने बड़े स्तर पर जवानों के मूवमेंट का ऑर्डर जारी किया। एलएसी पर चीनी जवानों की भारी संख्या को देखते हुए इंडियन आर्मी ने भी तैनाती बढ़ा दी है।












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