भारत को जल्द मिलेगा चौथा S-400 मिसाइल सिस्टम, सीमा सुरक्षा होगी और मजबूत, समझें दुश्मनों पर कैसे करेगा वार?
India fourth S-400 Missile Systems: भारत की रक्षा क्षमता को बड़ी मजबूती मिलने जा रही है, क्योंकि देश को अप्रैल के अंत तक रूस से चौथा S-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम मिलने की उम्मीद है। इस सिस्टम की डिलीवरी से भारतीय वायुसेना की ताकत और बढ़ेगी तथा खासकर पश्चिमी सीमा पर सुरक्षा और अधिक मजबूत होगी।
यह सिस्टम काफी एडवांस माना जाता है और दुश्मन के फाइटर जेट, मिसाइल और ड्रोन जैसे खतरों को दूर से ही पहचानकर उन्हें खत्म करने की ताकत रखता है।

दरअसल, भारतीय वायुसेना ने पहले ही रूस से पांच S-400 सिस्टम और पैंट्सिर शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने का प्रस्ताव रखा था। पहले से मिले तीन S-400 सिस्टम अलग-अलग एरिया में तैनात किए जा चुके हैं, जिससे भारत की हवाई सुरक्षा पहले ही काफी मजबूत हो चुकी है। अब चौथा सिस्टम आने के बाद खासकर पश्चिमी सीमा पर निगरानी और सुरक्षा और बेहतर हो जाएगी। वहीं पांचवा मई माह में भारत पहुंच जाएगा।
S-400 सिस्टम कैसे करता है सुरक्षा?
पैंट्सिर सिस्टम खास तौर पर ड्रोन, कामिकेज़ ड्रोन (Kamikaze Drone), जिन्हें लोइटरिंग मुनिशन (Loitering Munition) या 'सुसाइड ड्रोन' भी कहा जाता है उन्हें और कम दूरी के हवाई हमलों को रोकने में बेहद कारगर माना जाता है। जब इसे S-400 जैसे लंबी दूरी के सिस्टम के साथ जोड़ा जाता है, तो यह एक मजबूत "दोहरी परत" वाली रक्षा ढाल तैयार करता है, जो सीमा पार से आने वाले हर तरह के हवाई खतरे को निशाना बना सकती है।
ऑपरेशन सिंदूर में पाक के उड़ा चुका है छक्के
मई 2025 में 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान इन सिस्टम की असली ताकत देखने को मिली। भारतीय सशस्त्र बलों ने इनका इस्तेमाल कर पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों, निगरानी करने वाले विमानों और हथियारबंद ड्रोनों को मार गिराया। इस ऑपरेशन ने साफ कर दिया कि भारत की वायु रक्षा अब पहले से कहीं ज्यादा सटीक और घातक हो चुकी है।
314 KM दूर से पाक के बड़े विमान को बनाया था निशाना
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत ने एक S-400 मिसाइल के जरिए पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में करीब 314 किलोमीटर दूर एक बड़े विमान को निशाना बनाया था। इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान में हलचल मच गई और उसने अपने ऑपरेशनल विमानों को पश्चिमी एयरबेस की ओर शिफ्ट कर दिया।
भारत की सुरक्षा रणनीति में गेमचेंजर साबित हो रहा
इतना ही नहीं, जब भारत ने लाहौर, रावलपिंडी, सियालकोट और पसूर में पाकिस्तानी रडार ठिकानों पर हमला किया, तब 9-10 मई को पाकिस्तानी वायुसेना की कोई खास गतिविधि नजर नहीं आई। खबरों के मुताबिक अदामपुर और भुज सेक्टर में तैनात S-400 सिस्टम के डर ने उसे पीछे हटने पर मजबूर कर दिया था। कुल मिलाकर S-400 और पैंट्सिर जैसे आधुनिक सिस्टम भारत की सुरक्षा रणनीति में गेमचेंजर साबित हो रहे हैं।












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