आज देश को मिलेगा पहला राफेल विमान, जमीन और हवा दोनों में हमला करने में सक्षम
नई दिल्ली। देश को आज पहला राफेल विमान मिलने जा रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार को पेरिस में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद वह बोर्डोक्स में पहला राफेल जेट विमान प्राप्त करेंगे। रक्षा मंत्री दशहरे के मौके पर बोर्डोक्स में शस्त्र पूजा करेंगे और फिर राफेल में उड़ान भरेंगे।

उन्होंने पेरिस पहुंचने के बाद ट्वीट कर कहा, 'फ्रांस पहुंचकर खुशी हो रही है। जो महान देश भारत का सामरिक साझेदार है और हमारा ये रिश्ता औपचारिक संबंधों से भी अधिक गहरा और लंबा है। मेरी इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच की वर्तमान सामरिक साझेदारी का विस्तार करना है।' चलिए अब जानते हैं राफेल की विशेषताओं के बारे में-

26 टन वजन के साथ उड़ान भरने में सक्षम
राफेल एक बार में करीब 26 टन (26 हजार किलोग्राम) वजन के साथ उड़ान भरने में सक्षम है। यह जेट 3,700 किलोमीटर के दायरे में कहीं भी हमला कर सकता है।

60,000 फीट की अधिकतम ऊंचाई
इसके अलावा यह 36,000 से 60,000 फीट की अधिकतम ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। एक बार टैंक फुल होने के बाद यह लगातार 10 घंटे तक हवा में रह सकता है।

जमीन और हवा दोनों में हमला करने में सक्षम
राफेल को हवा से जमीन और हवा से हवा दोनों में हमला करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। राफेल पर लगी गन एक मिनट में 125 फायर कर सकती है और यह हर मौसम में लंबी दूरी के खतरे का अंदाजा भी लगा सकती है।

स्कैल्प मिसाइल की रेंज 300 किमी
यह दो इंजन वाला लड़ाकू विमान है, जो भारतीय वायुसेना की पहली पसंद है। इसे हर तरह के मिशन में भेजा जा सकता है। इसमें 150 किमी की बियोंड विजुअल रेंज मिसाइल है। जो हवा से जमीन पर मार करने वाली स्कैल्प मिसाइल है। स्कैल्प मिसाइल की रेंज 300 किमी है।

गति 2,130 किमी/घंटा
राफेल की अधिकतम गति 2,130 किमी/घंटा है और 3700 किलोमीटर तक मारक क्षमता है। ये 4.5 जेनरेशन के ट्विन इंजन से लैस है। 75 फीसदी विमान हमेशा ऑपरेशन के लिए तैयार है, परमाणु हथियार ले जाने में भी सक्षम है।

कई देश कर चुके हैं इस्तेमाल
राफेल को अफगानिस्तान, लीबिया, माली और इराक में इस्तेमाल किया जा चुका है।












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