India US Trade Deal: Zero Tariff से बंपर फायदा, किसानों से मोबाइल तक, पीयूष गोयल की 10 बड़ी बातें
India US Trade Deal Piyush Goyal : भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते ने देश के कारोबार, निर्यात और किसानों के लिए नई उम्मीदें जगा दी हैं। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 7 फरवरी को किए प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि इस समझौते के तहत कई अहम भारतीय उत्पादों पर अमेरिका में अब जीरो टैरिफ लगेगा, जबकि आत्मनिर्भर भारत के मजबूत सेक्टर्स में किसी तरह की रियायत नहीं दी गई है।
पीयूष गोयल ने कहा कि30 ट्रिलियन डॉलर का अमेरिकी बाजार भारतीय निर्यातकों के लिए अब खुला है। पीयूष गोयल ने इसे विकसित भारत 2047 की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस समझौते के बाद देश के 1.4 अरब नागरिक एक बार फिर दिवाली मनाएंगे। आइए जानें पीयूष गोयल की प्रेस कॉन्फ्रेंस की 10 बड़ी बातें।

1. किन भारतीय उत्पादों पर अब जीरो टैरिफ लगेगा? (Zero Tariff Items India US)
पीयूष गोयल ने बताया कि भारत से अमेरिका भेजे जाने वाले कई बड़े निर्यात उत्पादों पर अब कोई शुल्क नहीं लगेगा। इसमें जेम्स और डायमंड, फार्मास्यूटिकल प्रोडक्ट्स और स्मार्टफोन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये ऐसे सेक्टर हैं, जिनमें भारत पहले से मजबूत है और अमेरिका में इनकी भारी मांग है। जीरो ड्यूटी से भारतीय कंपनियों को सीधा फायदा मिलेगा और निर्यात और तेज होगा।
2. खेती और किसानों को क्या बड़ा फायदा मिलेगा? (Agricultural Exports Benefits)
कृषि क्षेत्र को लेकर भी सरकार ने राहत की खबर दी है। मसाले, चाय, कॉफी और उनसे बने उत्पाद, नारियल और नारियल तेल, वेजिटेबल वैक्स, सुपारी, ब्राजील नट, काजू, चेस्टनट के साथ-साथ कई फल और सब्जियां अमेरिका में जीरो रेसिप्रोकल टैरिफ पर जाएंगी। इसका मतलब है कि इन पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा, जिससे किसानों और कृषि निर्यातकों की कमाई बढ़ेगी।
3. किन फसलों पर कोई समझौता नहीं किया गया? (No Concessions on Self-Reliant Crops)
पीयूष गोयल ने साफ शब्दों में कहा कि जिन फसलों में भारत आत्मनिर्भर है, उन पर कोई रियायत नहीं दी गई है। इसमें सोयाबीन, चावल, चीनी, ज्वार, बाजरा, रागी, शहद और मूंगफली जैसे उत्पाद शामिल हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस समझौते में किसानों और डेयरी सेक्टर के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है।
4. अमेरिका का 18% रेसिप्रोकल टैरिफ क्या मायने रखता है?
इस अंतरिम समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय सामानों पर रेसिप्रोकल टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। पीयूष गोयल के मुताबिक यह दर भारत के पड़ोसी देशों और प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्थाओं से भी कम है। इससे भारतीय निर्यातकों को बड़ा प्रतिस्पर्धात्मक फायदा मिलेगा।
5. किन सेक्टर्स को सबसे ज्यादा फायदा होगा?
इस समझौते से टेक्सटाइल, रेडीमेड गारमेंट्स, लेदर और फुटवियर, प्लास्टिक और रबर उत्पाद, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर, हैंडीक्राफ्ट्स और कुछ मशीनरी सेक्टर्स को खास फायदा होगा। मंत्री ने एक कारीगर का उदाहरण देते हुए कहा कि 18 प्रतिशत टैरिफ से नए ऑर्डर आएंगे और रोजगार बढ़ेगा।
6. एयरक्राफ्ट और पार्ट्स पर क्या बदलेगा?
अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर लगाए गए पुराने टैरिफ हटाने पर सहमति जताई है। इससे भारतीय विमान और विमान पुर्जों के निर्यात को नई रफ्तार मिलेगी और एविएशन सेक्टर को मजबूती मिलेगी।
7. क्या यह फुल ट्रेड डील की शुरुआत है?
पीयूष गोयल ने कहा कि यह अंतरिम ढांचा एक बड़े द्विपक्षीय व्यापार समझौते की नींव है। आने वाले समय में दोनों देश इसे पूर्ण Bilateral Trade Agreement में बदलने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
8. भारत अमेरिका से क्या खरीदेगा?
भारत ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के उत्पाद खरीदने की योजना जताई है। इसमें ऊर्जा उत्पाद, विमान और उनके पुर्जे, कीमती धातुएं, टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स और कोकिंग कोल शामिल हैं।
9. टेक्नोलॉजी ट्रेड में क्या नया होगा?
दोनों देश टेक्नोलॉजी सेक्टर में भी सहयोग बढ़ाएंगे। खास तौर पर डेटा सेंटर्स में इस्तेमाल होने वाले GPU और अन्य हाई-टेक प्रोडक्ट्स के व्यापार को बढ़ावा दिया जाएगा।
10. क्यों इसे ऐतिहासिक समझौता कहा जा रहा है?
पीयूष गोयल ने कहा कि इस समझौते का स्वागत देश के हर कोने में हो रहा है। किसानों से लेकर कारीगरों और बड़े उद्योगों तक, हर सेक्टर को इससे फायदा मिलेगा। यही वजह है कि इसे भारत के व्यापार इतिहास का एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है।












Click it and Unblock the Notifications