Rice Export: सिंगापुर के लिए केंद्र सरकार का यू-टर्न, विशेष संबंधों के तहत चावल का निर्यात करेगा भारत
Allow Rice Export to Singapore: भारत सरकार ने पिछले महीने गैर बासमती चावल के एक्सपोर्ट पर बैन लगाने की घोषणा की थी, जिसके बाद सिंगापुर-इंडोनेशिया और फिलीपींस जैसे देशों में भूचाल आ गया। ऐसे में अब भारत विशेष संबंधों के तहत सिंगापुर को चावल का निर्यात करेगा, जिसकी जानकारी विदेश मंत्रालय ने दी।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि सिंगापुर के साथ "विशेष संबंध" को देखते हुए भारत ने दक्षिणपूर्व देश की "खाद्य सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने" के लिए चावल के निर्यात की अनुमति देने का फैसला किया है।

विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता अरिंदम बागची ने मंगलवार को सिंगापुर को चावल निर्यात पर मीडिया के सवालों के जवाब में कहा कि भारत ने सिंगापुर के साथ अपने विशेष संबंधों को ध्यान में रखते हुए चावल के निर्यात की अनुमति देने का फैसला किया है।
अरिंदम बागची ने कहा कि कि भारत और सिंगापुर की एक बहुत करीबी रणनीतिक साझेदारी हैं, जो साझा हितों, करीबी आर्थिक संबंधों और मजबूत लोगों से लोगों के जुड़ाव की विशेषता है। इस विशेष रिश्ते को देखते हुए भारत ने खाद्य सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए चावल के निर्यात की अनुमति देने का फैसला किया है।
इसी के साथ बागची ने कहा कि इस संबंध में औपचारिक आदेश शीघ्र ही जारी किए जाएंगे। बता दें कि चावल के निर्यात पर प्रतिबंध के बाद से वैश्विक चावल की कीमतों में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। भारत ने पिछले महीने सभी गैर-बासमती सफेद चावलों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी।
बता दें कि साल 2022 में सिंगापुर के चावल आयात का लगभग 40% हिस्सा भारत का था। भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक है, वैश्विक चावल व्यापार में भारत की हिस्सेदारी लगभग 45% है। गैर-बासमती के निर्यात पर रोक लगाने के बाद चावल की कीमतों पर बड़ा प्रभाव पड़ा है।
गौरतलब है कि घरेलू कीमतों पर अंकुश लगाने और घरेलू खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 20 जुलाई से गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। सरकार ने देखा कि कुछ किस्मों पर प्रतिबंध के बावजूद चालू वर्ष के दौरान चावल का निर्यात अधिक रहा है।












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