भारत को उम्मीद 'दोस्ती' तोड़कर पाक के साथ नहींं जाएगा रूस
नई दिल्ली। इस वर्ष के अंत में पाकिस्तान और रूस 'फ्रेंडशिप 2016' के नाम से एक ज्वाइंट मिलिट्री एक्सरसाइज करने वाले हैं। रूस, जो कि पिछले करीब पांच दशकों से भारत का रणनीतिक साझीदार है, उसके इस फैसले ने भारत को काफी हैरान कर दिया है। भारत को उम्मीद है कि रूस अपने इस फैसले पर दोबारा विचार करेगा।

रूस नहीं भरेगा हामी
भारत को अपने पुराने दोस्त से उम्मीद है कि रूस पाकिस्तान को किसी तरह की मिलिट्री सप्लाई और किसी भी तरह के मिलिट्री एक्सरसाइज के लिए हामी नहीं भरेगा। रूस को इस बात का अहसास होगा कि उसके ऐसे फैसले भारत के लिए कितने संवेदनशील साबित हो सकते हैं।
अगले माह गोवा आएंगे राष्ट्रपति पुतिन
रूस इन दिनों पाकिस्तान के साथ कुछ मिलिट्री प्रस्तावों पर बातचीत कर रहा है। इस बीच भारत, रूस के साथ अपनी रणनीतिक साझीदारी को और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
अगले माह गोवा में ब्रिक्स देशों का वार्षिक सम्मेलन होने वाला है। इस दौरान रूस के राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन भी आएंगे और भारत रणनीतिक साझेदारी को लेकर कुछ अहम फैसले कर सकते हैं।
पाक को रूस एमआई-35 हेलीकॉप्टर
रूस ने हाल ही में पाकिस्तान को चार एमआई-35 हेलीकॉप्टर देने की डील को मंजूरी दी है। पिछले दिनों दोनों देशों के बीच आर्मी एक्सरसाइज का ऐलान किया गया है। भारत ने रूस को अपनी सभी चिंताओं से अवगत करा दिया है।
सूत्रों का मानना है कि रूस कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाएगा जो भारत की सुरक्षा के खिलाफ हो।
रूस को नजरअंदाज नहीं कर सकता भारत
भारत भले ही अमेरिका के साथ अपने रणनीतिक और सैन्य संबंधों को बढ़ा रहा हो लेकिन इस बात से बखूबी वाकिफ है कि रूस वेस्ट और सेंट्रल एशिया में एक अहम खिलाड़ी है।
इस क्षेत्र में उसकी मौजूदगी काफी अहमियत रखती है। रूस भारत के लिए एशिया में संतुलन की स्थिति बनाए रखने में मददगार है।
साथ ही रूस के साथ भारत अब ऊर्जा, संचार और मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में अपने रिश्तों को मजबूत करने में लगा है। रूस आज भी भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति के लिए महत्वपूर्ण देश है।












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