डिप्लोमेटिक स्ट्राइक ब्रीफिंग: 'भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम कराने में अमेरिका की कोई भूमिका नहीं थी'
विदेश सचिव विक्रम मिसरी और कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला सोमवार को संसद भवन एनेक्सी में भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष पर विदेश मामलों की स्थायी समिति की बैठक में पहुंचे हैं। वे भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष पर संसदीय समिति को ब्रीफ कर रहे हैं।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने सोमवार को संसदीय समिति को बताया कि भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम कराने में अमेरिका की कोई भूमिका नहीं थी। उन्होंने कहा कि सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला दोनों पड़ोसी देशों के बीच द्विपक्षीय स्तर पर लिया गया था। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने यह भी दोहराया कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष हमेशा पारंपरिक क्षेत्र में रहा है और पड़ोसी देश की ओर से कोई परमाणु संकेत नहीं दिया गया है।
दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक सफलता के बाद भारत अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान की आतंक परस्ती को बेनकाब करने के अभियान को गति दे रहा है। इस रणनीति के तहत सात सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल 32 देशों की यात्रा करेंगे। ये प्रतिनिधिमंडल ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी साझा करेंगे और वैश्विक समुदाय को पाकिस्तान के झूठ का पर्दाफाश करेंगे।

यह भी पढ़ें- 'ऑपरेशन सिंदूर' वाली सांसदों की टीम से आखिर ममता बनर्जी ने क्यों बनाई दूरी? यूसुफ पठान से कहा- नहीं जाना है
दो चरणों में होगी ब्रीफिंग
विदेश सचिव विक्रम मिसरी इन प्रतिनिधिमंडलों को दो चरणों में भारत की आधिकारिक स्थिति पर ब्रीफ करेंगे। पहले चरण की ब्रीफिंग 20 मई को संसद भवन में होगी, जहां डॉ. श्रीकांत शिंदे, कनिमोझी और संजय झा के नेतृत्व वाले तीन डेलिगेशन को संबोधित किया जाएगा। ये तीनों समूह 21 से 23 मई के बीच विदेश यात्रा पर रवाना होंगे।
दूसरे चरण की ब्रीफिंग 23 मई को होगी, जिसमें सुप्रिया सुले, बैजयंत पांडा, रविशंकर प्रसाद और शशि थरूर के नेतृत्व वाले चार प्रतिनिधिमंडलों को जानकारी दी जाएगी। ये प्रतिनिधिमंडल 23 से 25 मई के बीच अलग-अलग देशों की यात्रा करेंगे।
सात डेलिगेशन, 32 देश, 1 उद्देश्य
1. शशि थरूर डेलिगेशन (अमेरिका, पनामा, गुयाना, कोलंबिया, ब्राजील): शांभवी चौधरी (एलजेपी-आरवी), सरफराज अहमद (जेएमएम), जीएम हरीश बालयोगी (टीडीपी), शशांक मणि त्रिपाठी, भुवनेश्वर कलिता, तेजस्वी सूर्या (बीजेपी), मिलिंद देवड़ा (शिवसेना), तरनजीत संधू (पूर्व राजनयिक)।
2. बैजयंत पांडा डेलिगेशन (सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन, अल्जीरिया): निशिकांत दुबे, फंगनन कोन्याक, रेखा शर्मा (बीजेपी), असदुद्दीन ओवैसी (AIMIM), सतनाम संधू (नॉमिनेटेड), गुलाम नबी आजाद (पूर्व मंत्री), हर्षवर्धन श्रृंगला (पूर्व विदेश सचिव)।
3. रविशंकर प्रसाद डेलिगेशन (UK, फ्रांस, जर्मनी, EU, इटली, डेनमार्क): दग्गुबत्ती पुरंदेश्वरी, समिक भट्टाचार्य (बीजेपी), प्रियंका चतुर्वेदी (शिवसेना-यूबीटी), गुलाम नबी खटाना (नॉमिनेट), अमर सिंह (कांग्रेस), एमजे अकबर (पूर्व मंत्री), पंकज सरन (पूर्व राजनयिक)।
4. संजय झा डेलिगेशन (इंडोनेशिया, मलेशिया, साउथ कोरिया, जापान, सिंगापुर): अपराजिता सारंगी, बृज लाल, हेमांग जोशी, प्रदान बरुआ (बीजेपी), यूसुफ पठान (टीएमसी), जॉन ब्रिटास (सीपीएम), सलमान खुर्शीद (पूर्व मंत्री), मोहन कुमार (पूर्व राजनयिक)।
5. श्रीकांत शिंदे डेलिगेशन (UAE, लाइबेरिया, कांगो, सिएरा लियोन): बांसुरी स्वराज, अतुल गर्ग, मनन मिश्रा (बीजेपी), ई.टी. मोहम्मद बशीर (IUML), सस्मित पात्रा (बीजेडी), एसएस अहलूवालिया (पूर्व मंत्री), सुजान चिनॉय (पूर्व राजनयिक)।
6. कनिमोझी डेलिगेशन (स्पेन, ग्रीस, स्लोवेनिया, लातविया, रूस): राजीव राय (सपा), मियां अल्ताफ (एनसी), बृजेश चौटा (बीजेपी), प्रेमचंद गुप्ता (राजद), अशोक मित्तल (AAP), मंजीव पुरी, जावेद अशरफ (पूर्व राजनयिक)।
7. सुप्रिया सुले डेलिगेशन (मिस्र, कतर, इथियोपिया, साउथ अफ्रीका): राजीव प्रताप रूडी, अनुराग ठाकुर (बीजेपी), मनीष तिवारी (कांग्रेस), विक्रमजीत साहनी (AAP), लावु श्रीकृष्ण देवरायलू (टीडीपी), मुरलीधरन, आनंद शर्मा (पूर्व मंत्री), सैयद अकबरुद्दीन (पूर्व राजनयिक)।
ब्रसेल्स में होगा अंतिम पड़ाव
इन सभी 59 सांसदों और पूर्व अधिकारियों का अंतिम पड़ाव बेल्जियम का ब्रुसेल्स शहर होगा, जहां वे यूरोपीय संघ (EU) मुख्यालय का दौरा करेंगे और वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को मजबूती से प्रस्तुत करेंगे।












Click it and Unblock the Notifications