स्वामी फिर बोले- भारतीयों की सुरक्षा के लिए मालदीव पर 'धावा' बोलना जरूरी
नई दिल्ली। मालदीव में एक महीने बाद आम चुनाव होने वाले हैं और इस बीच स्वामी के एक ट्वीट ने काफी हंगामा मचा दिया है। स्वामी के 'मालदीव पर चढ़ाई' वाले बयान के बाद द्वीप राष्ट्र ने भारत के उच्चायुक्त को तुरंत तलब कर दिया और उनसे सवाल जवाब किए हैं। उधर सरकार ने भी स्वामी के बयान से अपने आप को अलग कर दिया। हालांकि, सुब्रमण्यम स्वामी ने अपने इस बयान को सरकार से परे निजी बताते हुए एक बार फिर मालदीव में 'धावा' बोलने की बात कही है।

मालदीव में भारतीय राजदूत को तलब करने के बाद स्वामी ने कहा, 'मालदीव में भारतीय नागरिकों के साथ गलत तरीके से व्यवहार नहीं किया जा सकता। मेरा कहना है कि अपने नागिरकों की रक्षा करना भारत की जिम्मेदारी है, जिसके लिए आक्रमण जरूरी है। मैं सरकार का प्रतिनिधित्व नहीं करता हूं।'
बता दें कि स्वामी ने पिछले सप्ताह श्रीलंका में मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद से मुलाकात की थी। उस दौरान नशीद और स्वामी के बीच मालदीव में आगामी चुनाव को लेकर चर्चा भी हुई थी। नशीद से मुलाकात के बाद ही स्वामी ने ट्वीट कर कहा था कि मालदीव में चुनाव में धांधली हो सकती है और इसलिए भारत को वहां चढ़ाई कर देनी चाहिए।
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मालदीव और भारत के बीच इस साल की शुरुआत से तनातनी जारी है। राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने अपने मुल्क में लोकतांत्रिक मूल्यों की धज्जियां उड़ाते हुए फरवरी में मालदीव में आपातकाल लगा दिया था, जिसके बाद भारत ने चिंता व्यक्त की थी। मालदीव में यामीन सरकार हिंद महासागर और चीन व पाकिस्तान जैसे देशों के साथ जाकर लगातार भारत के हितों के खिलाफ काम कर रही है, जिससे दोनों देशों के बीच जबरदस्त तनाव देखने को मिला है।
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