भारत का अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक पोल. क्या आपने भाग लिया?
  • search

मानव पूंजी सूचकांक में भारत को मिला 115वां स्थान, सरकार ने खारिज की रिपोर्ट

Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    नई दिल्ली। विश्व बैंक की ओर से मानव पूंजी सूचकांक की रिपोर्ट को भारत ने सिरे से खारिज कर दिया है। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि बच्चों के जीवित रहने की संभावना, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे पैमाने में भारत कुल 157 देशों की सूची में 115वें स्थान पर है। रिपोर्ट में भारत को नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार और बांग्लादेश जैसे देशों से भी नीचे रखा गया है। विश्वबैंक की इस रिपोर्ट को गुरुवार को भारत ने खारिज कर दिया है। भारत की ओर से कहा गया है कि इस रिपोर्ट में मानव पूंजी के लिए विकास के लिए सरकार ने जो कदम उठाए हैं उन्हें शामिल नहीं किया गया है।

    jaitely

    अहम प्रयासों को नहीं किया गया शामिल 

    वित्त मंत्रालय की ओर से विश्वबैंक की रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा गया है कि भारत सरकार ने मानव सूची सूचकांक की रिपोर्ट को खारिज करने का फैसला लिया है क्योंकि इसमे मानव पूंजी को बढ़ाने के लिए भारत सरकार के अहम प्रयासों को नजरअंदाज किया गया है। आपको बता दें मानव सूचि सूचकांक को 157 देशों के आंकड़ों के आधार पर जारी किया गया है, जिसमे इस बात को अहम लक्ष्य रखा गया था कि जो बच्चा जन्म लेता है वह 18 वर्ष की आयु तक कम से कम प्राप्त करे।

    पहला स्थान मिला इस देश को

    मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि इस रिपोर्ट में तमाम योजनाएं जिसमे समग्र शिक्षा अभियान, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना को शामिल नहीं किया गया है, लिहाजा सरकार विश्वबैंक की इस रिपोर्ट को खारिज करती है और वह मानव पूंजी सूचकांक को लेकर अपना सतत प्रयास आगे भी जारी रखेगी, जिससे कि लोगों के जीवन को बेहतर बनाया जा सके। आपको बता दें कि विश्वबैंक की इस सूची में पहला स्थान सिंगापुर को मिला हैा।

    इसे भी पढ़ें- MeToo: रेप के आरोप पर बोले सुभाष घई-मशहूर इंसान की इमेज खराब करना फैशन बन गया है

    अमिताभ कांत ने दिया था बड़ा बयान 

    विश्वबैंक की इस सूची में सिंगापुर के बाद दक्षिण कोरिया, जापान, हॉगकॉग और फिनलैंड का स्थान है। आपको बता दें कि नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने जुलाई माह में कहा था कि भारत में मानव विकास इंडेक्स में सुधार किए बगैर 10 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि की दर को हासिल नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा था कि देश समें विकास तभी रफ्तार पकड़ सकता है जब देश में जच्चा-बच्चा मृत्यु दर उंची हो। उन्होंने कहा था कि अगर 10 फीसदी की रफ्तार से विकास करना है तो एचडीआई में सुधार लाना जरूरी है।

    इसे भी पढ़ें- ईरान से तेल आयात पर बोले अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप, जो देश नहीं खरीदेगा तेल, हम उनका ध्‍यान रखेगे

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    India rejects the World Bank's Human Capital Index Report which ranked India 115.

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more