अफगानिस्तान से आए पूर्व गवर्नर और डॉक्टर के परिवार को भारत सरकार ने दी शरण
अफगानिस्तान से आए पूर्व गवर्नर समेत 5 को भारत सरकार ने दी शरण
नई दिल्ली, 7 सितंबर: अफगानिस्तान की महिला सांसद रंगीना करगर को एयरपोर्ट से ही डिपोर्ट कर दिए जाने के बाद भारी आलोचना का सामना करने वाली भारत सरकार ने पांच अफगान नागरिकों को शरण दी है। अफगानिस्तान के इन पांच नागरिकों में एक पूर्व गवर्नर भी हैं, जिनको डिप्लोमेटिक पासपोर्ट पर भारत ने शरण दी है। ये पाचों लोग बीते हफ्ते दुबई से दिल्ली के इंदिरा गांधी हवाई अड्डे पर पहुंचे थे। जिसके बाद इसकी जानकारी विदेश मंत्रालय को दी गई और मंत्रालय से सभी को देश में एंट्री की इजाजत मिल गई।

एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक, अफगानिस्तान सरकार के साथ काम करने वाले एक सीनियर डॉक्टर अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ आए हैं। पांचवे शख्स मोहम्मद दाउद कलकानी हैं, जो कि समंगन के पूर्व गवर्नर हैं। भारत और अफगानिस्तान के बीच उड़ाने बंद हैं। ऐसे में ये लोग ईरान पहुंचे और वहां से दुबई गए। इसके बाद ये लोग दिल्ली पहुंचे। जिसके बाद डिप्लोमेटिक पासपोर्ट पर इन लोगों ने देश में आने की इजाजत मांगी जोकि इनको मिल गई। डिप्लोमेटिक/आधिकारिक पासपोर्ट भारत के साथ पारस्परिक व्यवस्था के तहत एक महीने की वीजा-मुक्त यात्रा की सुविधा देता है।
महिला सांसद को लौटाने पर हुई थी भारत सरकार की आलोचना
अफगानिस्तान की महिला सांसद रंगीना कारगर काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद दिल्ली के इंदिरा गांधी हवाई अड्डे पर पहुंची थीं। कारगर ने बताया था कि वह 20 अगस्त को इस्तांबुल से दुबई की फ्लाइट नई दिल्ली पहुंचीं। उनके पास डिप्लोमेटिक पासपोर्ट था, जिससे वो पहले भी भारत की यात्राएं कर चुकी हैं लेकिन उनको एयरपोर्ट से वापस इस्तांबुल डिपोर्ट कर दिया गया। इसको लेकर कारगर के ट्वीट करने के बाद विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने सरकार की कड़ी आलोचना की थी। जिसके बाद भारत सरकार ने इसे अनजाने में हुई गलती बताया था। सरकार की ओर से कहा गया कि यह एक अनपेक्षित गलती थी। तालिबान की ओर से भारतीय वीजा वाले कुछ पासपोर्ट छीन लिए जाने की रिपोर्ट के बाद हड़बड़ी में यह गलती हो गई।












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