वह किताब जिसका आधा हिस्सा पाकिस्तान ले गया, तो बाकी हिस्सा भारत के पास रहा
भारत कल यानी 15 अगस्त को 77वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के लाल किले से झंडा फहराएंगे और देश के नाम संबोधन देंगे। इस मौके पर देश के सभी राज्यों में रंगारंग कार्यक्रम भी रखे जाएंगे। स्वतंत्रता दिवस हमारे देश की आजादी और स्वतंत्रा सेनानियों को याद करने का सबसे महत्वपूर्ण अवसर है। भारत की आजादी के बारे में आप सभी लोग बहुत कुछ जानते होंगे लेकिन कुछ ऐसी रोचक बाते हैं जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं।
जी हां आज हम भारत और पाकिस्तान के बीच बंटवारे पर बात करेंगे। हम आपलोगों को आज बताएंगे कि भारत के विभाजित होने पर पाकिस्तान अपने साथ एक किताब का आधा हिस्सा ले भी गया था। तो चलिए जानते हैं कि आखिर यह कौन सी महत्वपूर्ण किताब थी जिसका आधा हिस्सा पाकिस्तान साथ ले गया। नीचे पूरी खबर पढ़ें विस्तार से...

कौन सी किताब का आधा हिस्सा पाकिस्तान अपने साथ ले गया
बता दें कि भारत के विभाजन के बाद जब कई सामानों का बंटवारा हो रहा था तो उसके साथ ही एक किताब का भी बंटवारा होना था। लेकिन तब सवाल उठा कि एक किताब को दो देशों के बीच कैसे बांटा जा सकता है। लेकिन काफी माथापच्ची के बाद एक ही रास्ता निकला कि किताब को दो भागों में बांट दिया जाए। लेखिका विजयलक्ष्मी बालाकृष्णनन अपनी किताब लिखते हुए बताया है कि 'एनसायक्लोपीडिया ऑफ ब्रिटेनिका' के दो हिस्से किए गए और इसे हिंदुस्तान और पाकिस्तान में बांट दिया गया. इसके साथ ही लाइब्रेरी में मौजूद डिक्शनरी को भी दो हिस्सों में बांट दिया गया। ए से के तक डिक्शनरी का हिस्सा भारत को मिला और बाकी का हिस्सा पाकिस्तान ले गया।
भारत और पाकिस्तान के बीच किन किन सामानों का बंटवारा हुआ था
अंग्रेजों की कुर्सियां, मेज, पेंसिल, पगड़ी, बांसुरी से लेकर रायफल, लाठी, पलंग तक बांटी गई थीं। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि ब्रिटिश वायसराय की बग्गियों का बंटवारा भी हुआ। इसे सिक्का उछाल कर किया गया। इस दौरान 6 भारत को और 6 बग्घी पाकिस्तान को मिलीं।












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