हथियारों के मामले पाक से भी पिछड़ता भारत

पहली नजर में हो सकता है कि यह बात कुछ सकारात्मक नजर आए लेकिन इसकी तह में जाने पर पता लगता है कि चीन और पाकिस्तान की तुलना में भारत स्वदेशी तकनीक पर आधारित मिलिट्री हार्डवेयर को डेवलप करने में काफी पीछे है।
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट, सीपरी की ओर से जारी डाटा पर अगर यकीन करें तो वर्ष 2009 से वर्ष 2013 के बीच भारत की ओर से 14 प्रतिशत हथियारों का आयात किया गया।
चीन और पाक दोनों ही इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं और दोनों ही देशों की ओर से हथियारों और मिलिट्री से जुड़े सामनों का आयात पांच प्रतिशत तक हुआ।
विशेषज्ञों की मानें तो चीन की तुलना में भारत में होने वाला यह आयात कहीं न कहीं दोनों देशों में स्थित डिफेंस इंडस्ट्रीज के बीच अंतर और गुणवत्ता को बयां करने के लिए काफी है।
चीन 54 प्रतिशत पाक को तो 84 प्रतिशत हथियार बांग्लादेश को सप्लाई करता है
इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्ट्रैटेजिक स्टडीज के कार्यकारी निदेशक टिम हक्सले कहते हैं कि चीन के पास बहुत ही सफल और विभिन्न तकनीक पर आधारित हथियारों को विकसित करने की क्षमता है और यह पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी की सभी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है।
अगर विशेषज्ञों की बात पर यकीन किया जाए तो अब चीन ने पाकिस्तान के अलावा बांग्लादेश के साथ अपनी तकनीक को साझा करना शुरू कर दिया है और इस वजह से पाक, भारत के मुकाबले कहीं ज्यादा बेहतर हथियारों को विकसित करने की ताकत रखने लगा है। भारत को इस बारे में थोड़ी सोचने की जरूरत है।
भारत की स्थिति पर बात करते हुए हक्सले कहते हैं कि भारत की डिफेंस इंडस्ट्री बहुत सफल नहीं है और इसके पास नई तकनीक का अभाव है। इसके अलावा संसाधनों का दुरुपयोग करने के मामले में भारत का नाम काफी चर्चा में रहता है। भारत अपने डिफेंस बजट में एक वर्ष में 30 बिलियन डॉलर खर्च करता है और अगर चीन के बजट की बात करें तो यह तीन गुना ज्यादा है।
सीपरी की रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2004 से 2008 और 2009 से 2013 के बीच बड़े हथियारों की खरीद में भारत की ओर से 111 प्रतिशत का इजाफा हुआ।
रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने तीन क्वार्ट्स में वर्ष 2009 से 2013 तक सबसे ज्यादा हथियार रूस से खरीदे। रूस से भारत को 222 सुखोई-30 एमकेआई में से 90 सुखोई और 45 मिग-29के में से 27 मिग हासिल हुए इसके साथ ही रूस से एक एयरक्राफ्ट कैरियर लेने की भी बातचीत जारी है।
भारत के पास 62 रशियन मिग 29 एसएमटी और 49 फ्रेंच मिराज 2000-5 कॉम्बेट एयरक्राफ्ट का ऑर्डर दिया गया है। इसके साथ ही यह पहला मौका है तब भारत और अमेरिका हथियारों की आपूर्ति में बड़े साझीदार बनकर उभरे हैं।
वर्ष 2009 से 2013 के बीच भारत ने अमेरिका से 7 प्रतिशत हथियारों की डील की लेकिन पाक ने इस दौरान 27 प्रतिशत हथियार, अमेरिका से हासिल किए। वहीं आज भी भारत, रूस से 75 प्रतिशत तक हथियार, एयरक्राफ्ट्स और फाइटर जेट्स खरीदता है। चीन 54 प्रतिशत पाक को तो 84 प्रतिशत हथियार बांग्लादेश को सप्लाई करता है
-
LPG Cylinder: कमर्शियल गैस सिलेंडर पर सरकार का चौंकाने वाला फैसला, आज से बदल गए नियम! -
Gold Rate Today: थमी सोने की रफ्तार, कीमतों में जबरदस्त गिरावट! खरीददारी से पहले चेक कर लें लेटेस्ट रेट -
Silver Price Today: चांदी की कीमतें क्रैश! मार्च महीने में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट, कितना हुआ सिल्वर का रेट? -
Saudi Arabia Eid Ul Fitr 2026 : सऊदी अरब में 20 मार्च को मनाई जाएगी ईद, भारत में कब दिखेगा चांद? -
Iran Vs America: ईरान के बाद अब चीन पर कहर बनकर टूटेंगे ट्रंप! अमेरिकी रिपोर्ट के खुलासे से हड़कंप -
LPG Oil Crisis: हॉर्मुज में तैर रहे हैं 3.2 लाख टन गैस, भारत पहुंचा तो कितने सिलेंडर भरे जा सकते हैं -
Kim Jong-un की 99.93% वाली जीत पर दुनिया हैरान, कौन हैं वो 0.07% ‘बहादुर वोटर्स’, जिन्होंने खिलाफ वोट डाला? -
Nora Fatehi के 'सरके चुनरिया' गाने पर सरकार का बड़ा एक्शन, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कह दी ऐसी बात -
भोजपुरी के ये 3 गाने हैं 'बदनाम', सुनते ही कान कर लेंगे बंद, खुलेआम नहीं हेडफोन लगाकर सुनना -
Pradyut Bordoloi: कौन हैं बोरदोलोई ? जिन्होंने चुनाव से पहले छोड़ी कांग्रेस, अब हुए बीजेपी में शामिल -
सेंसर बोर्ड ने रणवीर सिंह की फिल्म में करवाए भयंकर बदलाव, कई कट के बाद भी मिला A सर्टिफिकेट -
Khan Sir Viral Video: कौन है खान सर का दुश्मन? पटना के मशहूर टीचर ने पहली बार खुलेआम बताया नाम












Click it and Unblock the Notifications