लाहौर में हुए धमाके के लिए जिम्मेदार ठहराने पर भारत ने पाकिस्तान को दिया करारा जवाब, कहा...
अफगानिस्तान से अमेरिकी और नाटो सैनिकों की वापसी के साथ अफगानिस्तान पर तालिबानी लड़ाकों का नियंत्रण क्षेत्र बढता जा रहा है। अफगानिस्तान के कई क्षेत्रों पर तालिबान ने एक बार फिर अपना कब्जा कर लिया है।
नई दिल्ली, 8 जुलाई। अफगानिस्तान से अमेरिकी और नाटो सैनिकों की वापसी के साथ अफगानिस्तान पर तालिबानी लड़ाकों का नियंत्रण क्षेत्र बढता जा रहा है। अफगानिस्तान के कई क्षेत्रों पर तालिबान ने एक बार फिर अपना कब्जा कर लिया है। अफगानिस्तान पर एक बार फिर से तालिबान के बढ़ते नियंत्रण ने कई देशों को चिंता में डाल दिया है। अफगानिस्तान के काबूल और कंधार में भारत दूतावास मौजूद हैं। तालिबान के बढ़ते वर्चस्व ने अफगानिस्तान में भारत के अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी है। सुरक्षा के मद्देनजर भारत जल्द से जल्द अपने अधिकारियों को वापस बुलाना चाहता है। अफगान मुद्दे पर मीडिया से बातचीत में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि, 'काबुल, कंधार में हमारे दूतावास काम कर रहे हैं। हम अफगानिस्तान में सुरक्षा स्थिति की सावधानीपूर्वक निगरानी कर रहे हैं और अफगानिस्तान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा भी देख रहे हैं।'

बता दें कि अमेरिका 11 सितंबर, 2021 तक अफगानिस्तान से अपने सभी सैनिकों हटाने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में अफगानिस्तान के हालात एक बार फिर बद से बदतर हो सकते हैं। अब तक देश के कई हिस्सों में तालिबान अपना कब्जा कर चुका है, देश की सुरक्षा व्यवस्था बिगड़ती जा रही है।
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वहीं पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलहाकार द्वारा लाहौर में हुए बम धमाके के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराने को लेकर उन्होंने कहा, 'भारत के खिलाफ बेबुनियाद दुष्प्रचार करना पाकिस्तान के लिए कोई नई बात नहीं है। अगर पाकिस्तान अपने घर को व्यवस्थित करने और आतंकवाद के खिलाफ विश्वसनीय कार्रवाई करने में अपनी ऊर्जा लगाए तो उसके लिए बेहतर होगा।
गौरतलब है कि पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने भारत पर पिछले महीने के अंत में पूर्वी शहर लाहौर में एक घातक बम धमका के लिए फंडिंग करने, योजना बनाने और उसे अंजाम देने का आरोप लगाते हुए कहा कि था कि हमले को लेकर की गई जांच में यह सामने आया है कि यह धमाका भारत द्वारा करवाया गया है। एनएसए मोईद यूसुफ ने कहा था कि भारत की रॉ एजेंसी ने पिछले महीने लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद के आवास के बाहर घातक बम धमाका करने की योजना बनाई थी।
यह धमाका 23 जून को लाहौर के जोहर टाउन एरिया में हुआ था, जहां लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिस सईद का घर है। इस धमाके में कम से कम तीन लोग मारे गए थे और लगभग 22 लोग घायल हो गए थे।












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