CAA विरोधी प्रस्ताव को लेकर यूरोपीय संसद में भारत की कूटनीतिक जीत, टली वोटिंग
नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर देश में मचा बवाल अब यूरोपीय संसद तक पहुंच गया है। यूरोपीय संसद में सीएए के खिलाफ जारी हुए प्रस्ताव को लेकर भारत को कूटनीतिक सफलता मिली है। सीएए प्रस्ताव पर गुरुवार को होने वाली वोटिंग अब 31 मार्च तक टल गई है। बता दें कि यूरोपीय संसद में पांच मुद्दों में से दूसरे नंबर पर सीएए का मुद्दा उठाया गया था।

सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि हम उम्मीद करते हैं कि सीएए के बारे में हमारे दृष्टिकोण सभी उद्देश्य और निष्पक्ष यूरोपीय संघ के सांसदों द्वारा समझा जाएगा। बता दें कि यूरोपियन यूनियन फॉर फॉरेन अफेयर्स के उच्च प्रतिनिधि जोसेफ बोरेल के भारत दौरे के दो हफ्ते बाद यूरोपीय संसद में सीएए के खिलाफ जारी हुए प्रस्ताव को लेकर वोटिंग होनी थी लेकिन अब इसे टाल दिया गया है। बता दें कि बुधवार को यूरोपीय सांसदों ने सीएए के संयुक्त प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया है।
यूपी का दिया गया था उदाहरण
गौरतलब है कि सीएए के खिलाफ उत्तर प्रदेश में हुई हिंसा को उदाहरण के तौर पर दिया गया था। यूरोपीय संसद में सीएए के खिलाफ संयुक्त प्रस्ताव का मसौदे में कहा गया कि, भाजपा शासित राज्य उत्तर प्रदेश में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर क्रूर कार्रवाई की गई। इसमें कहा गया कि, उत्तर प्रदेश में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा इंटरनेट बंद किया गया, सार्वजनिक वाहनों पर रोक लगाई गई और कई स्थानों पर कर्फ्यू भी लगाया गया। इसके अलावा सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को पीटाने, यातना देने और गोली मारने जैसी खबरें भी सामने आई हैं।
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