सुखोई के बाद भारत ने चीन की सीमा पर तैनात की छह आकाश मिसाइलें
नई दिल्ली। तेजपुर और छाबुआ में अपने सबसे एडवांस फाइटर जेट्स सुखोई-30एमकआई की तैनाती के बाद अब भारत ने जमीन से हवा में मार कर सकने वाली छह आकाश मिसाइलों की तैनाती नॉर्थ र्इस्ट की स्क्वाड्रन में शुरू कर दी है। एक मीडिया रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी गई है।

चीन के फाइटर जेट्स की ओर से मिलने वाली चुनौतियों का सामना करने और इस क्षेत्र में किसी भी तरह की घटना का जवाब देने के लिए भारत की ओर से यह कदम उठाया गया है।
गुरुवार को रक्षा मंत्रालय से जुड़े सूत्रों की ओर से जानकारी दी गई है कि इंडियन एयरफोर्स की ओर से छह आकाश मिसाइलें यहां की स्क्वाड्रन को डिलीवरी की गई हैं।
यह मिसाइलें 25 किमी तक की रेंज में मौजूद कई टारगेट्स पर एक साथ निशाना लगाने में सक्षम हैं और वह भी हर तरह के मौसम में।
सूत्र की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक इंडियन एयरफोर्स की ओर से ग्वालियर में मिराज-2000 बेस और पुणे में सुखोई के बेस पर आकाश मिसाइल की दो स्क्वाड्रन को डेप्लॉयड किया गया है।
अब अगली छह स्क्वाड्रन को कैबिनेट की सुरक्षा समिति की ओर से मंजूरी मिलने के बाद नॉर्थ ईस्ट में तैनात किए जाने की तैयारी है ताकि इस क्षेत्र में बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था बढाई जा सके।
आकाश मिसाइलों को तैयार करने में काफी लंबा वक्त लग गया था। इसे डीआरडीओ की ओर से विकसित किया गया है और भारत डायनामिक्स ने इसे मैन्यूफैक्चर किया है। नॉर्थ ईस्ट में आकाश मिसाइल के डेप्लॉयमेंट के बाद 4,057 किमी तक फैली लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल यानी एलएसी की सुरक्षा दोगुनी हो जाएगी।












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