India-China tension: मोल्डो में कोर कमांडर स्तर की वार्ता बेनतीजा, गलवान वैली छोड़ने को तैयार नहीं चीन
नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर चीन की तरफ मोल्डो में हुई कोर कमांडर स्तर की वार्ता बेनतीजा खत्म हो गई है। सूत्रों की मानें तो चीन गलवान घाटी और फिंगर 4 से पीछे हटने को तैयार नहीं है। कहा जा रहा है कि वार्ता में जो उम्मीद की गई थी, वह उसके विपरीत रही है। हालांकि अभी तक इस वार्ता का पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। कहा जा रहा है कि भारत भी इस बात पर अड़ा है कि वह पीछे नहीं हटेगा और उसने चीन को स्पष्ट कर दिया है कि चीनी सेना को पीछे हटना ही पड़ेगा।

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पांच मई से चल रहा है टकराव
भारत और चीन के बीच पांच मई से पूर्वी लद्दाख में टकराव जारी है। दोनों देशों के बीच कई राउंड वार्ता हो चुकी है। छह जून को मोल्डो में ही दोनों सेनाओं के बीच पहली कोर कमांडर स्तर की बातचीत हुई थी। लेकिन वह बेनतीजा रही है। इसके बाद भारत और चीन की सेनाओं के बीच 15/16 जून को पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में टकराव हिंसक हो गया। इस संघर्ष में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे। यहां से ही एलएसी पर स्थितियां पूरी तरह से बदल गई है। सूत्रों की तरफ से बताया गया है कि भारत ने अब चीन को जवाब देने के लिए नियमों में बदलाव कर दिया है। जवानों को साफ कर दिया गया है कि वो हथियार प्रयोग करने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र हैं। इसके अलावा रक्षा मंत्री रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी टॉप मिलिट्री ऑफिसर्स को साफ कर दिया है कि एलएसी पर किसी भी असाधारण स्थिति से निबटने के लिए वो पूरी तरह से तैयार रहें। इसके साथ ही कहा जा रहा है कि पूर्व में चीन के साथ हुई सभी संधियों को भी निरस्त कर दिया गया है।












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