India-China faceoff: गलवान घाटी में हिंसा वाली जगह से पीछे हटने लगी चीनी सेना!
नई दिल्ली। भारत और चीन की सेना के बीच 15 जून को गलवान घाटी में जहां हिंसा हुई थी, वहां से अब पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) के जवानों का पीछे हटना शुरू हो गया है। सूत्रों की ओर से दी गई जानकारी में कहा गया है कि चीनी सेना ने इस क्षेत्र में अपने जवानों की संख्या में कुछ कमी की है। 15/16 जून को गलवान घाटी में हुई हिंसा में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे।

22 जून को हुई कमांडर लेवल वार्ता
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब 22 जून को मोल्डो में भारत और चीन के बीच कोर कमांडर स्तर की वार्ता हुई थी। इसके बाद 24 जून को दोनों देश के बीच राजनयिक स्तर की वार्ता हुई। सूत्रों की मानें तो फिलहाल अतिरिक्त चीनी जवान सिर्फ गलवान घाटी में ही पीछे हट रहे हैं। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने टेंट जैसा ढांचा फिर से पेट्रोलिंग प्वाइंट (पीपी) 14 के करीब तैयार कर लिया है। यहीं पर 15 जून की रात भारतीय सेना और पीएलए के बीच हिंसक टकराव हुआ था। अखबार के मुताबिक यह ढांचा कमांडर्स के बीच हुई वार्ता के बाद आया है। हालांकि कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि यह इंडियन आर्मी का टेंट है। नई सैटेलाइट तस्वीरों के हवाले से भी कुछ एक्सपर्ट यही कह रहे हैं।
सैटेलाइट इमेज में नजर आया चीनी टेंट
15 जून को हुई हिंसा में भारत के 20 सैनिक शहीद हो गए थे जिसमें कमांडिंग ऑफिसर (सीओ) कर्नल संतोष बाबू भी शामिल हैं। सेना की तरफ से चीनी सेना के टेंट को उखाड़ दिया गया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच मिलिट्री और राजनयिक स्तर पर वार्ता हुई। कहा जा रहा है कि जो टेंट सैटेलाइट इमेज में नजर आ रहा है उसका निर्माण जवानों के पीछे हटने की प्रक्रिया पर असर डाल सकता है। दोनों देशों के बीच बातचीत काफी धीमी गति से आगे बढ़ रही है। गलवान घाटी का घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे दो दिनों के लद्दाख दौरे से लौट आए हैं।

जनरल नरवणे ने लिया जायजा
दो दिनों तक जनरल नरवणे ने पीएलए के साथ चार बिंदुओं पर जारी टकराव का जायजा लिया है। इसके अलाव उन्होंने एलएसी के 65 बिंदुओं पर गश्त को औरबढ़ाने का आदेश दिया है। जनरल नरवणे ने लद्दाख दौरे पर सीनियर ऑफिसर्स को निर्देश दिए हैं कि इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) की मदद से सेना एलएसी पर गश्त को बढ़ाए। पिछले एक हफ्ते में आईटीबीपी की बटालियंस के साथ सेना की स्पेशल फोर्सेज एलएसी पर नजर रख रही हैं। जनरल नरवणे देश के राजनीतिक नेतृत्व को लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) के हालातों के बारे में ब्रीफ कर सकते हैं।

जनरल CDS को देंगे जानकारी
जनरल नरवणे ने लेह स्थित बेस हॉस्पिटल जाकर उन जवानों का हालचाल पूछा था जो 15 जून को पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) के जवानों के साथ हुई हिंसा में घायल हो गए थे। जनरल नरवणे राजनीतिक नेतृत्व को एलएसी के हालातों के बारे में बताएंगे तो उसमें वह पीएलए के जवानों की तैनाती के साथ ही एलएसी पर उसके रुख पर भी बात करेंगे। आर्मी चीफ, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत के साथ भी हालातों पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा इंडियन एयरफोर्स (आईएएफ) चीफ और नेवी चीफ से भी बात करेंगे।












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