तनाव के बीच LAC पर होगा भारत का शक्ति प्रदर्शन, वायुसेना करेगी युद्धाभ्यास
भारतीय वायुसेना ने इससे पहले 9 दिसंबर 2022 को अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर के यांग्त्से में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुए संघर्ष के बाद पूर्वोत्तर में दो दिवसीय युद्ध अभ्यास किया था।

भारत-चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर पूर्वी लद्दाख में 32 महीने टकराव की स्थिति बनी हुई है। वास्तविक नियंत्रण रेखा के पूर्वी सेक्टर में बढ़े तनाव के बीच भारतीय वायु सेना (IAF) अगले महीने की शुरुआत में अरुणाचल प्रदेश, असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में शक्ति प्रदर्शन करते हुए युद्धाभ्यास करेगी। इंडियन एयरफोर्स फरवरी 2023 की शुरुआत में अरुणाचल प्रदेश, असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में फाइट्स जेट्स, हेलीकाप्टरों और अन्य विमानों और ड्रोन के साथ एक प्रमुख हवाई युद्ध अभ्यास करेगी। इसमें फ्रंटलाइन के फाइटर्स, हेलिकॉप्टर, लड़ाकू विमान और ड्रोन शामिल होंगे। ये युद्धाभ्यास ऐसे वक्त में होने जा रहा है जब पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प के बाद ईस्टर्न सेक्टर में एलएसी पर तनाव बढ़ गया है। भारत-चीन के बीच पिछले 32 महीनों से तनाव की स्थिति है।
1 फरवरी से 5 फरवरी के बीच होगा हवाई युद्धाभ्यास
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक ये कमांड लेवल का युद्धाभ्यास होगा। जिसमें युद्ध के लिए ईस्टर्न एयर कमांड की तैयारी का टेस्ट होगा, जिसका मुख्यालय शिलांग में है। रिपोर्ट के मुताबिक वायुसेना का ये युद्धाभ्यास 1 फरवरी से 5 फरवरी के बीच में होगा। एक सूत्र ने कहा, "इसमें पूर्वी क्षेत्र की सभी फाइटर जेट्स समेत सभी एसेस्ट शामिल होगीं, जिनमें हासीमारा, तेजपुर और चबुआ जैसे हवाई अड्डों से उड़ान भरने वाले राफेल और सुखोई-330MKI लड़ाकू विमान शामिल हैं।"
राफेल से लेकर अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर भी होगा युद्धाभ्यास में शामिल
इससे पहले भारतीय वायुसेना ने 9 दिसंबर 2022 को अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर के यांग्त्से में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच शारीरिक संघर्ष के बाद पूर्वोत्तर में दो दिवसीय युद्ध अभ्यास किया था। रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी के शुरुआती दिनों में होने वाला वायुसेना का पूर्वोत्तर राज्यों में युद्धाभ्यास बड़े पैमाने पर होगा और इसमें राफेल, सुखोई-330MKI, 'सुपर हरक्यूलिस' विमान C130J,विमान, चिनूक हेवी-लिफ्ट , अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर समेत कई तरह के फाइटर जेट्स को शामिल किया जाएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक ये लगातार तीसरा साल है, जब पूर्वी लद्दाख में भारत के साथ सटी चीन ने 50 हजार सैनिक तैनात किया है। जिनके पास बड़ी मात्रा में हथियार है।












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