'कांग्रेस के शासनकाल में, अक्साई चिन', रिजिजू ने चीन सीमा गतिरोध विवाद पर राहुल गांधी को लेकर लगाया आरोप
India China clashes: लोकसभा के बजट सत्र में 2 फरवरी 2026 को जमकर हंगामा हुआ।नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक अप्रकाशित पुस्तक का जिक्र किया और जैसे ही उन्होंने सदन में पूर्व सेना अध्यक्ष नरवणे की किताब से एक बयान पढ़ा, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू उन्हें रोकने के लिए खड़े हो गए।
केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर चीन सीमा गतिरोध के मुद्दे को लेकर जोरदार हमला बोला है। रिजिजू ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी भारत को कमजोर और सेना को हतोत्साहित दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि 9 दिसंबर, 2022 को अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद से यह मुद्दा गरमाया हुआ है।

रिजिजू बोले- वह भारत को कमजोर दिखाना दिखाना चाहते हैं'
रिजिजू ने अपने बयान में कहा, "वह भारत को कमजोर, सेना को हतोत्साहित और केंद्र सरकार को भ्रमित दिखाना चाहते हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आज भारत बहुत शक्तिशाली है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा सरकार के अधीन भारत की स्थिति पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है, और देश अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार है।
"कांग्रेस के शासनकाल में, अक्साई चिन समेत
रिजिजू ने कांग्रेस के शासनकाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने याद दिलाया कि "कांग्रेस के शासनकाल में, अक्साई चिन सहित हजारों वर्ग किलोमीटर भूमि चीन ने हथिया ली थी। कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं को यह नहीं भूलना चाहिए।" इस बयान से उन्होंने राहुल गांधी की आलोचना को खारिज करते हुए उनके ही दल के पिछले रिकॉर्ड पर सवाल उठाए।
किरण रिजिजू ने भारतीय सेना की तारीफ करते हुए कहा कि सेना देश की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा, "हर सैनिक देश के लिए 'करो या मरो' के लिए तैयार है। और किसी भी देश में भारत की एक इंच भी जमीन पर कब्जा करने की हिम्मत नहीं है।" यह बयान सेना के मनोबल और देश की दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाता है!
राहुल गांधी ने ऐसा क्या कहा?
दरअसल, ये बयान राहुल गांधी के डोकलाम संबंधित बयान से जुड़ा है। आरोप लगाया था कि तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाते हुए उनकी देशभक्ति पर सवाल उठाए हैं। इसी के जवाब में, राहुल गांधी ने पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की आत्मकथा का हवाला देना शुरू किया।
राहुल ने अपना पक्ष रखते हुए कहा, "आप समझेंगे कि कौन है देशभक्त।" उन्होंने नरवणे की पुस्तक से उद्धृत किया कि "चीनी टैंक भारतीय पोजीशन में कैलाश रेंज के कुछ सौ मीटर ही दूर थे।" हालाँकि, उनके बोलते ही तीनों वरिष्ठ मंत्रियों ने दोबारा हस्तक्षेप कर उन्हें रोकने का प्रयास किया।












Click it and Unblock the Notifications