1 जनवरी को पाकिस्तान की तुलना में भारत में पैदा हुए कितने बच्चे?

नई दिल्ली। नए वर्ष की दस्तक के साथ ही भारत ने एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम किया है। नए वर्ष के मौके पर यानि 1 जनवरी को भारत में कुल 67385 बच्चों ने जन्म लिया, जोकि दुनिया के किसी भी देश की तुलना में सबसे अधिक है। दुनियाभर में कुल 392078 बच्चों ने 1 जनवरी को जन्म लिया, जिसमे अकेले भारत में 17 फीसदी बच्चों ने जन्म लिया है। यूनिसेफ के अुसार दुनियाभर में 1 जनवरी को जिन बच्चों का जन्म हुआ है उसमे भारत और सात अन्य देशों में अकेले 50 फीसदी बच्चे जन्मे हैं।
कहां कितने बच्चे पैदा हुए
1 जनवरी को चीन में 4629, नाईजीरिया में 26039, पाकिस्तान में 6787, इंडोनेशिया में 13020, यूएस में 10452, कोंगो में 10247, इथोपिया में 8493 बच्चों ने जन्म लिया। जबकि भारत में 67385 बच्चों ने जन्म लिया। यूएन की वर्ल्ड पॉपुलेशन रिपोर्ट के अनुसार पिछले वर्ष जून माह में कयास था कि भारत चीन की आबादी को 2017 में पीचे छोड़ देगा। हर जनवरी को यूनिसेफ उन बच्चों का जन्मदिन मनाता है जिनका जन्म 1 जनवरी को होता है।

पिछले वर्ष 25 लाख बच्चों का जन्म जनवरी माह में
यूएन की एग्जेक्युटिव डायरेक्टर हेनरिीटा फोर ने बताया कि हर वर्ष जनवरी माह में कैलेंडर बदलता है, हमे इस बात की याद दिलाता है कि हमारे अंदर क्या संभावित क्षमता है, हर बच्चें के जन्म के साथ उसकी संभावित क्षमताओं का भी सफर शुरू होता है, अगर उन्हें मौका दिया जाए। पिछले वर्ष की बात करें तो 2018 में जनवरी माह में 25 लाख बच्चों का जन्म हुआ था, जबकि इसमे से एक तिहाई बच्चों का जन्म एक जनवरी को हुआ था। हर वर्ष तकरीबन 25 लाख बच्चे मृत पैदा होते हैं।
बाल मृत्यु दर बड़ी समस्या
पिछले तीन दशकों की बात करें तो बच्चों के जन्म के बाद उनकी जीवन की संभावना को बेहतर करने की दिशा में काफी विकास हुआ है। जो बच्चे अपने पांच वर्ष पूरे करने से पहले मर जाते थे उनकी संख्या में तकरीबन 50 फीसदी की कमी आई है। जन्म के पहले महीने में मरने वाले बच्चों की संख्या में भी 2018 में 47 फीसदी वृद्धि हुआ है। वहीं 1990 से 2018 की बात करें तो इसमे 40 फीसदी का इजाफा हुआ है। भारत में बाल मृत्यु दर बड़ी समस्या है, यहां 76 हजार बच्चे अपने शैशवकाल में ही मृत हो जाते हैं, तकरीबन 35 लाख बच्चे प्रीमैच्योर पैदा होते हैं।












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