हवा में जाते ही तेजी से नीचे गिरी भारत की ब्रह्मोस मिसाइल, टेस्ट प्रोग्राम को लगा बड़ा झटका
बालासोर, 13 जुलाई: भारत के ब्रह्मोस मिसाइल प्रोजेक्ट को सोमवार को एक बड़ा झटका लगा, जहां ओडिशा के तट पर हुआ परीक्षण असफल रहा। साथ ही मिसाइल टेकऑफ के तुरंत बाद गिर गई, हालांकि इससे पहले ब्रह्मोस के कई परीक्षण सफल रहे हैं। सोमवार की टेस्टिंग में क्या दिक्कत हुई, वैज्ञानिकों की टीम इसका पता लगाने में जुटी हुई है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही नए टेस्टिंग की तैयारी शुरू की जाएगी। आमतौर पर ये मिसाइल 450 किलोमीटर दूर के लक्ष्य को आसानी से भेद देती है।

सबसे विश्वसनीय मिसाइल
न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि सोमवार सुबह लॉन्च के तुरंत बाद मिसाइल गिर गई। इस प्रक्षेपण की विफलता की जांच के लिए एक टीम का गठन हुआ है, जिसमें ब्रह्मोस एयरोस्पेस कॉर्पोरेशन के साथ रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के वैज्ञानिक शामिल हैं। मिसाइल विशेषज्ञों के मुताबिक ब्रह्मोस भारत की सबसे विश्वसनीय मिसाइल रही है, जो परीक्षण के दौरान बहुत ही कम विफल रही है।

प्रपल्शन सिस्टम में खराबी?
सूत्रों के मुताबिक प्रारंभिक जांच में लग रहा है कि प्रपल्शन सिस्टम में खराबी की वजह से ये परीक्षण फेल हुआ, लेकिन इसका सही कारण जांच के बाद ही पता चल पाएगा। पहले इस सुपरसोनिका क्रूज मिसाइल का इस्तेमाल 300 किलो से कम के लक्ष्य के लिए किया जाता था, लेकिन बाद में इसकी क्षमता को और बढ़ा दिया गया। इस प्रोजेक्ट में भारत के साथ रूस टेक्नोलॉजी पार्टनर है।

क्या है खासियत?
सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल जल, थल और वायु कहीं से भी दुश्मन पर हमला कर सकती है। साथ ही इसका रडार की पकड़ में भी आना मुश्किल है। वहीं रफ्तार की बात करें तो ये ध्वनि की रफ्तार से तीन गुना ज्यादा तेज चलती है। हाल ही में फिलिपींस ने भारत के साथ इस मिसाइल को लेकर करार किया था।












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