चीन के मुद्दे पर सरकार ने दिया संसद में बयान, कहा- LAC के नियमों का दोनों देशों को करना होगा सम्मान
नई दिल्ली, फरवरी 04। चीन के साथ सीमा विवाद के मुद्दे पर केंद्र सरकार ने शुक्रवार को संसद में बयान दिया। सरकार की ओर से कहा गया कि दोनों पक्षों को कड़ाई से एलएसी का सम्मान और उसके नियमों का पालन करना चाहिए। दरअसल, सरकार की ओर से ये बयान लद्दाख में पैंगोंग झील के पार बनाए गए चीनी पुल को लेकर दिया गया है। सरकार ने कहा कि चीन की ओर से किए जा रहे पुल के निर्माण पर भारत का ध्यान है, हम अन्य देशों से अपेक्षा करते हैं कि भारत की संप्रभुता का सम्मान करें।

इन तीन सिद्धांतों पर चीन के साथ हो रही है बातचीत
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सरकार की ओर से कहा गया है कि पूर्वी लद्दाख में LAC पर चल रहे तनाव को लेकर भारत और चीन के बीच राजनयिक और सैन्य दोनों माध्यम से बातचीत की जा रही है। इन बातचीत में हमारा दृष्टिकोण 3 प्रमुख सिद्धांतों पर हैं, जिसमें पहला है- दोनों पक्षों को एलएसी का कड़ाई से सम्मान और पालन करना चाहिए। दूसरा सिद्धांत है- किसी भी पक्ष को एकतरफा रूप से यथास्थिति को बदलने का प्रयास नहीं करना चाहिए और तीसरा सिद्धांत है- दोनों पक्षों के समझौतों का पूरी तरह से पालन किया जाना चाहिए।
चीन ने किस जगह किया है पुल का निर्माण?
आपको बता दें कि चीन की ओर से बनाया गया पुल 8 मीटर चौड़ा है। इस पुल की लंबाई 400 मीटर से अधिक है। यह पुल पैंगोंग के उत्तरी तट पर चीनी सेना के फील्ड बेस के ठीक दक्षिण में बना है। यह वही जगह है, जहां साल 2020 में भारत और चीन के बीच गतिरोध की स्थिति बनी थी और उस वक्त इस जगह पर चीन ने आर्मी अस्पताल और सैनिकों की रहने की व्यवस्था की गई थी। आपको बता दें कि इस पुल के निर्माण का काम पूरा हो जाने के बाद चीन को उस क्षेत्र में अहम सैन्य गतिविधियों को अंजाम देने में आसानी होगी।












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