भारत ने वो कर दिखाया जिसका सपना देखते रह गए जापान और चीन
बैंगलोर। बुधवार को भारत ने जो किया है उसके बाद जापान और चीन के भी कान खड़े हो गए हैं। पहले ही प्रयास में मंगल मिशन को हासिल करने वाला भारत दुनिया का पहला देश बन गया।

एक नजर डालिए भारत के मॉम मिशन और मंगल मिशन से जुड़ी कुछ खास फैक्ट्स पर।
- भारत चौथा ऐसा देश बन गया जिसने मंगल मिशन में सफलता हासिल की।
- अभी तक सिर्फ सेवियत यूनियन, अमेरिका और यूरोप की स्पेस एजेंसियों को यह गौरव हासिल है।
- वर्ष 2011 में चीन का यिंगहूओ, मंगल मिशन की सबसे हालिया असफलताओं में शुमार है।
- जापान ने भी वर्ष 1998 में मंगल मिशन की कोशिशें की थी लेकिन उसे कोई खास सफलता हासिल नहीं हो सकी।
- दुनिया में अब तक 51 मिशन हो चुके हैं लेकिन सफलता सिर्फ 21 को ही हासिल हो सकी।
- नासा ने मैरिनियर के साथ वर्ष 1971 में मंगल मिशन में पहली कामयाबी हासिल की थी।
- मंगलयान का साइज टाटा नैनो कार के जितना है। इसे मई 2013 में लांच किया था।
- भारत का मॉम मिशन यानी मार्स ऑर्बिटर मिशन पर 76 मिलियन डॉलर या 450 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।
मंगल की सफलता पर आईं बधाईयां
भारत को इस एतिहासिक सफलता पर दुनियाभर से बधाईयां आ रही हैं। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के अलावा कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी और कई जानी-मानी हस्तियों ने इस मौके पर इसरो के वैज्ञानिकों को बधाईयां दी हैं।












Click it and Unblock the Notifications