भ्रष्टाचार के मामले में पाकिस्तान से आगे निकला भारत: रिपोर्ट

सूची में थाईलैंड 102वें, मेक्सिको 106ठे, मिस्र 114वें, नेपाल 116वें, वियतनाम 116वें, बांग्लादेश 136वें और ईरान 144वें स्थान पर है। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के करप्शन परसेप्शन सूचकांक 2013 में 177 देशों को शामिल किया गया है और इसमें से दो तिहाई देशों को शून्य (सबसे भ्रष्ट) और 100 (स्वच्छ) के पैमाने पर 50 से कम अंक मिले।
सूची में पहले स्थान पर 91 अंकों के साथ डेनमार्क और न्यूजीलैंड ने साझेदारी की है। फिनलैंड 89 और सिंगापुर 86 अंकों के साथ क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
अफगानिस्तान, उत्तर कोरिया और सोमालिया ने आठ अंक के साथ सबसे निचले स्थान के लिए साझेदारी की। भारत को 36 अंक मिले।
ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने कहा कि भारत को पिछले वर्ष भी 94वां स्थान मिला था, लेकिन पाकिस्तान की स्थिति पिछले वर्ष के 139वें स्थान से खिसक कर 127वीं हो गई है और बांग्लादेश भी पिछले वर्ष के 144वें स्थान से सुधर कर 136वें स्थान पर आ गया है।
ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के पीठ न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) कमलेश्वर नाथ ने कहा, "भ्रष्टाचार का सफाया तभी हो सकता है, जब विभिन्न पक्ष देश को इससे मुक्त करने के लिए आपस में हाथ मिलाएं।"
मालूम हो कि देश में भ्रष्टाचार को ही रोकने के लिए समाजसेवी अन्ना हजारे ने लोकपाल बिल लाने की बात कही है। इसी लिए उन्होंने आमरण अनशन किया था। लेकिन तमाम प्रयासों औऱ जनसभाओं के बाद भी इस बारे में कोई कदम अब तक उठाये नहीं गये हैं।












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