स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रहे कोरोना के बढ़ते मामले
आज पूरा भारत कोरोना से जंग लड़ रहा है। सोमवार को देश में कोरोना के सक्रीय मामले 20 लाख की संख्या को पार कर गये।
नई दिल्ली, 20 अप्रैल। आज पूरा भारत कोरोना से जंग लड़ रहा है। सोमवार को देश में कोरोना के सक्रीय मामले 20 लाख की संख्या को पार कर गये। सक्रीय मामलों की इतनी बड़ी संख्या पहले से ही भारी बोझ के तले दबे स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे के लिए चुनौती साबित हो रही है। देश के कई अस्पताल पहले से ही स्वास्थ्य उपकरणों, आईसीयू बेडों और ऑक्सीजन सिलेंडरों में भारी कमी से जूझ रहे हैं। ऊपर से कोरोना के मामलों की बढ़ती हुई संख्या अस्पतालों के लिए चुनौती बनती जा रही है। देश में 10 अप्रैल को कोरोना के एक्टिव केसों की संख्या 10 लाख को पार कर गई थी, जो कि अब मात्र 10 दिनों में ही दोगुनी होकर 20 लाख हो गई है।
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गौर करने वाली बात ये है कि कोरोना वायरस से पीड़ित सक्रीय मरीज इसे और अधिक फैलाने में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाओं के लिए इससे निपटना चुनौती साबित हो रहा है। एक्टिव केसों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है और आने वाले समय में इसके और बढ़ने की उम्मीद है।
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अमेरिका के बाद भारत ऐसा दूसरा देश हैं जहां कोरोना के 20 लाख मामले सक्रिय हैं। भारत के बाद तीसरा नंबर ब्राजील का आता है जहां कोरोना के 13 लाख मामले सक्रिय हैं। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, दिल्ली ऐसे राज्य हैं जहां कोरोना के मामलों में बेहिसाब वृद्धि देखने को मिल रही है, जिसकी वजह से इन राज्यों के अस्पाल रक्षा उपकरणों की भारी कमी से जूझ रहे हैं। इन राज्यों में ऑक्सीन, आईसीयू बेड की भारी कमी देखी जा रही है। यहां तक कि इन राज्यों के मुर्दाघरों और श्मशान घाटों में भी जगह नहीं बची है।












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