2014 के बाद नारी शिक्षा में तेजी, छात्राओं की संख्या में 31% की वृद्धि: केंद्र सरकार
लोकसभा में एक सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने वर्ष 2014 के बाद स्कूलों में छात्राओं की संख्या के डेटा का जिक्र किया। केंद्रीय मंत्री मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वर्ष 2014 में एनडीए की सरकार बनने के बाद से अब तक स्कूलों में महिला छात्राओं की संख्या बढ़ी है। इसके मंत्री प्रधान ने सरकार को ओर शिक्षा के ढांचे को मजबूती देने के प्रयासों को अहम बताया। प्रधान ने कहा 2014 के बाद से 12वीं तक की कक्षा में 260 मिलियन और उच्च शिक्षा संस्थानों में 40 मिलियन छात्र हैं। केंद्रीय मंत्री ने भारत में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर होने का दावा करते हुए कहा कि अब भारत उच्च शिक्षा के लिए विदेश पढ़ने जाने वाले छात्रों को संख्या बहुत कम है।
राज्यसभा के सदन में बुधवार (20 दिसंबर) को प्रश्नकाल के दौरान नई शिक्षा नीति 2024 के बारे में बोलते हुए, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा की गई कई पहलों के कारण, स्कूलों में 31% महिला छात्रों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में 300 मिलियन से अधिक छात्र हैं। 0 से 12वीं कक्षा तक 260 मिलियन और उच्च शिक्षा संस्थानों में 40 मिलियन छात्राएं है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि महिलाओं की पिछले कुछ वर्षों के भीतर शिक्षा के प्रति रुचि अधिक बढ़ी है। उन्होंने इसका श्रेय केंद्र की पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को दिया। प्रधान ने कहा कि एनडीए 2014 में एनडीए के सत्ता में आने के बाद महिला छात्रों की संख्या तेजी से बढ़ी। उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षा में भी काफी सुधार हुआ है। अब नाम मात्र के छात्र हैं, जो उच्च शिक्षा के लिए भारत से विदेशों में जाते हैं।
प्रधान ने कहा, "स्कूल जाने वाले पिछड़े वर्गों के छात्रों में 44% की वृद्धि हुई है, अनुसूचित जाति (एससी) की महिला छात्रों की संख्या में 50% की वृद्धि हुई है और स्कूलों में अनुसूचित जनजाति (एसटी) की महिला छात्रों की संख्या में 80% की वृद्धि हुई है। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के छात्रों की संख्या में वृद्धि हुई है और स्कूलों में मुस्लिम अल्पसंख्यक महिला छात्रों की संख्या में 45% की वृद्धि हुई है।"
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े 9 वर्षों के भीतर छात्राओं की संख्या 31 प्रतिशत तक बढ़ी है। इससे पता चलता है कि सरकार द्वारा की गई पहल के कारण, बच्चों ने अधिक पढ़ना शुरू कर दिया है। ऐसे में नई शिक्षा नीति अगले 3 वर्षों में भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए अहम साबित हो रही है।












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