सहारा इंडिया को तीन महीने में ही ITSC ने दी राहत, मानी कंपनी की दलीलें
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जिस डायरी का हवाला देकर आरोप लगाया था उसे ITSC ने सबूत मानने से इनकार कर दिया है।
नई दिल्ली। सहारा इंडिया को आय कर निपटारा आयोग (ITSC) से राहत मिली है। आयोग ने फैसले में विवादित डायरी के मामले मे सहारा इंडिया पर किसी तरह का जुर्माना और कानूनी कार्रवाई करने मना कर दिया है। बता दें कि साल 2014 के नवंबर में आयकर विभाग को सहारा के ठिकानों पर की गई छापेमारी के दौरान डायरी मिली थी, जिसमें नेताओं के नाम और उन्हें पैसे देने का जिक्र किया गया था। आयोग ने फैसले में इस डायरी को सबूत मानने से भी मना कर दिया है। अंग्रेदी अखबार इंडियन एक्सप्रस के अनुसार आयोग ने अपना फैसला 50 पन्नों में सुनाया है।

अखबार के मुताबिक सहारा इंडिया की ओर से दायर किए गए मामले को पहले ही खारिज कर दिया गया थआ लेकिन 5 सितंबर 2016 को उसे एक बार फिर सुनवाई करने के लिए स्वीकार कर लिया गया। इतना ही नहीं आयोग ने तेजी से सुनवाई और कार्रवाई करते हुए तीन माह के भीतर फैसला सुना दिया, जिसमें सहारा इंडिया को राहत मिल गई। बीते सल 10 नवंबर 2016 को सुनाए गए आदेश में कहा गया है कि छापेमारी की कार्रवाई के दौरान 137.58 करोड़ रुपए बरामद किए गए थे, जिस पर अब टैक्स लगाया जाता है।
कहा गया है कि सहारा इंडिया ने गुजारिश की थी कि फिलहाल कंपनी मुश्किल भरे दौर से गुजर रही है, ऐसे में कर अदायगी किश्तों में कर दी गई है। फैसले के पहले पन्ने पर लिखा गया है सहारा इंडिया की ओर से कहा गया हरै कि कुछ असंतुष्ट कर्मचारियों ने ऐसे कागजात तैयार किए हैं। बता दें कि ये वही डायरी है, जिसका जिक्र लगातार कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अपने भाषणों में कर रहे हैं। बीते साल दिसंबर में गुजरात के मेहसाणा में राहुल ने एक जनभा के दौरान कहा था कि पीएम मोदी को सहारा से पैसे मिले हैं। सूत्र बताते हैं कि आयोग किसी मामले की सुनवाई में कम से कम 18 महीने का समय लेता है लेकिन इस मामले में 3 महीने में ही सुनवाई पूरी कर दी गई। ये भी पढ़ें: यूपी विधानसभा चुनाव 2017- काफी कुछ दांव पर है इस चुनाव में












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