250 रुपए में लगने वाली वैक्सीन आज क्यों लग रही है 700 से 1500 रुपए तक, जानिए वजह
नई दिल्ली, मई 10। देश में टीकाकरण अभियान की जब शुरुआत हुई थी तो प्राइवेट अस्पतालों में वैक्सीन 250 रुपए प्रति डोज पर लगाई जा रही थी और सरकारी अस्पतालों में वैक्सीन बिल्कुल मुफ्ती थी। सरकारी अस्पतालों में अभी भी वैक्सीन बिल्कुल मुफ्त लग रही है, लेकिन प्राइवेट अस्पतालों के अंदर वैक्सीन की कीमत अब 6 गुना तक बढ़ गई है। इस बात ने हर किसी को परेशान किया हुआ है। राजधानी दिल्ली की बात करें तो सबसे पहली बात लोगों को वैक्सीन के लिए स्लॉट नहीं मिल रहा है और अगर मिल भी रहा है तो प्राइवेट अस्पतालों में, जहां वैक्सीन की कीमत 700 रुपए से लेकर 1500 रुपए तक है।

प्राइवेट अस्पतालों में वैक्सीन की मौजूदा कीमत
टीकाकरण अभियान के तीसरे चरण में देश के प्राइवेट अस्पतालों में SII की कोविशील्ड 700 रुपए से लेकर 900 रुपए तक की एक डोज लग रही है, जबकि पहले इसकी कीमत 250 रुपए थी। वहीं भारत बायोटेक की कोवैक्सीन निजी अस्पतालों में 1250 रुपए से लेकर 1500 रुपए तक प्रति डोज लग रही है। आपको बता दें कि भारत उन देशों में शामिल है जहां प्राइवेट सेक्टर में वैक्सीन की कीमत सबसे ज्यादा है। इसके अलावा देश में चार बड़े ग्रुप ही वैक्सीन लगाने का काम कर रहे हैं। इनमें अपोलो, मैक्स, फोर्टिज और मणिपाल शामिल है।
क्यों महंगी लग रही है वैक्सीन?
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, वैक्सीन पर जीएसटी के अलावा ट्रांसपोर्टेशन और स्टोरेज कॉस्ट को लगाकर ये वैक्सीन इतनी महंगी पढ़ रही है। इसके 5-6 फीसदी वैक्सीन टूट-फूट के कारण बर्बाद भी हो जाती है। इसके अलावा वैक्सीन को लगाने में हैंड सैनिटाइजर, स्टाफ के लिए पीपीई किट, बायोमेडिकल वेस्ट डिस्पोजल आदि की लागत को भी वैक्सीन की कीमत में शामिल किया जाता है। इन सभी लागत को मिलाकर वैक्सीन की कीमत इतनी अधिक है।












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