स्कूल बस की सीट के नीचे टूटे फर्श के होल से सड़क पर जा गिरा 8 साल का मासूम, दर्दनाक मौत
जयपुर। राजस्थान के करौली जिले के हिंडौन सिटी में एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ है। इस हादसे ने न सिर्फ स्कूल प्रबंधन, बल्कि पुलिस और परिवहन विभाग को कटघरे में ला दिया है। इतना ही नहीं, इससे उन अभिभावकों की समझ पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है, जिनके बच्चे उस बस में सवार थे। दरअसल हुआ ये कि प्राइवेट स्कूल व पुलिस-परिवहन विभाग की लापरवाही ने 8 साल के यश गुर्जर की जान ले ली। पहली कक्षा का यह मासूम स्कूल की खस्ताहाल बस की टूटी फर्श से निकलकर सड़क पर गिर गया। इस दौरान पास बैठा यश का भाई सचिन चिल्लता रहा, कि यश गिर गया, लेकिन बस चालक ने बस नहीं रोकी। परिजनों ने इस मामले में कृष्णा चिल्ड्रन एकेडमी सेकंडरी स्कूल के प्रबंधन को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने बस चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और छानबीन कर रही है। परिजनों व ग्रामीणों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंप मुआवजे की मांग की है।

ब्रेकर पर उछला बस और सड़क पर गिर गया यश
करौली के एक निजी स्कूल की बस गुडला गांव से विद्यार्थियों को करौली ला रही थी, बस क्षतिग्रस्त हालात में थी, जिसके अंदर चद्दर भी नहीं थी। गुडला पहाड़ी निवासी कक्षा एक का विद्यार्थी यश पुत्र राधे गुर्जर बस में बैठा हुआ था, वह बस के अंदर से नीचे गिर पड़ा जिससे यश को बस के पहियों ने कुचल दिया। उसे गम्भीर हालात में करौली अस्पताल लेकर आए, चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

साजिश के तहत किया गया बस के फ्लोर में सुराख
स्कूल संचालक का कहना है कि सुराख साजिशन किया गया। करौली के कृष्णा चिल्ड्रन एकेडमी की यह जर्जर बस रोज अलग-अलग गांवों से 66 बच्चे लाती है। आपको बता दें कि हाईकोर्ट ने दो साल पहले स्कूल बसों को लेकर गाइड लाइन जारी की थी। बाल वाहिनी की फिटनेस, चालक का मेडिकल परीक्षण, जीपीएस आदि के लिए पुलिस, परिवहन, यातायात व शिक्षा विभाग के अलावा स्कूल की जिम्मेदारी तय की।

अभी और भी ऐसी बसें चल रही हैं
बताया जा रहा है कि इसी प्रकार अन्य स्कूलों की भी क्षतिग्रस्त बस सड़क पर दौड़ रही है। जिनकी काफी समय से जिम्मेदार विभाग के अधिकारियों ने जांच तक नहीं की। इस कारण निजी स्कूल के संचालक मनमर्जी से क्षतिग्रस्त बसों को चलाकर विद्यार्थियों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं।












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