अरुणाचल प्रदेश में 11 दागी उम्मीदवार आजमाएंगे अपना भविष्य

लोकसभा चुनाव 2014 से करीब एक महीने पहले चुनाव आयोग आचार संहिता को लागू कर सभी आपराधिक प्रवृत्तियों पर रोक लगाने की पूरी कोशिश करता है लेकिन चुनाव आयोग इस बात पर कोई निर्णय नहीं लेता है कि एक हत्या का अपराधी आम चुनाव के लिए उम्मीदवार बनता है। आंकड़ों का इतिहास खंगालने पर पता चलता है कि सबसे ज्यादा दागी सांसद व विधायक कांग्रेस व भाजपा दोनों बड़ी पार्टियों में हैं। ये दागी उम्मीदवार खड़े होने का सिर्फ साहस ही नहीं करते बल्कि जीत कर देश की कमान भी संभालते हैं और भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा को भी पार करते हैं।
अरुणाचल प्रदेश में इस बार सिर्फ 4 महिला उम्मीदवार ही चुनाव लड़ने के लिए चाड़ी हेा रही हैं। कुल 152 उम्मीदवारों में से करीब 87 लोग स्नातक की पढाई में पास हैं तो अन्य 65 उम्मीदवार दहाई का आंकड़ा भी नहीं पार कर सके। 27 उम्मीदवार ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक पैन कार्ड के लिए भी नहीं अप्लाई किया है और करोड़ों रुपए की संपत्ति पास में हैं। इसी तरह 2 उम्मीदवार आईटीआर तक नहीं फाइल किए हैं।












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