Exit Polls: वोटर्स से नेताओं को मिले 6 संदेश, अरुण जेटली ने बताया
नई दिल्ली- वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) ने रविवार को आए तमाम एग्जिट पोल (Exit Polls) पर 'द मैसेज ऑफ एग्जिट पोल्स (The Message of Exit Polls)' के नाम से एक ब्लॉग लिखा है। उनके मुताबिक इस एग्जिट पोल में नेताओं के समझने लायक 6 संदेश हैं, जो वोटर्स ने दिए हैं।

बेढंगे-अस्थिर गठबंधन पर भरोसा उठा
अरुण जेटली (Arun Jaitley) के मुताबिक रविवार को आए एग्जिट पोल्स में "इंडियन डेमोक्रेसी के बहुत तेजी से मैच्योर होने" के संकेत मौजूद हैं। जेटली का कहना है कि वोटर कई तरह से संदेश दे रहे हैं, जिसमें ये बात भी शामिल है कि अब वे 'विरोधियों के गठबंधन' पर भरोसा करने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने लिखा है, "राजनीतिक विश्लेषक कंफ्यूज्ड हैं, लेकिन वोटरों की सोच साफ है। वे त्रिशंकु संसद नहीं चुन रहे हैं, जहां बेढंगे और अस्थिर गठबंधन कोई रोल प्ले करने वाले हों।"

जाति पर राष्ट्रहित भारी
उन्होंने ये भी कहा है कि लोग अब राष्ट्रहित के सामने जातियों को महत्त्व देने के लिए तैयार नहीं हैं और वे फर्जी मुद्दों पर भी ध्यान नहीं देना चाहते हैं। जेटली ने कहा है, "प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ प्रचार में निजी हमले न तो 2014 में चले और न ही शायद 2019 में उसका कोई असर होने वाला। नेताओं को मेरिट के आधार पर चुना जा रहा है, न कि जाति या परिवार के नाम के आधार पर। इसलिए, प्रधानमंत्री का जाति से ऊपर उठकर और मुद्दों के हिसाब से परफॉर्मेंस पर आधारित काम करने के स्टाइल को मतदाता ज्यादा स्वीकार कर रहे हैं। "

'कांग्रेस की फर्स्ट फैमिली अब बोझ बन चुकी है'
अपने ब्लॉग के जरिए जेटली ने एक बार फिर से कांग्रेस और गांधी परिवार को भी निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस पार्टी के लिए अब उसकी फर्स्ट फैमिली संपत्ति नहीं, बल्कि गले का घेघ बनकर रह गई है। उनके मुताबिक, "परिवार के बगैर, वे भीड़ नहीं जुटा पाते और उनसे उन्हें वोट नहीं मिल पाता।"
जेटली ने लिखा है कि 'कटु सत्य ये है कि जब कई तरह के एग्जिट पोल एक ही संदेश देते हैं, तो मोटे तौर पर नतीजों का संदेश मिल जाता है। अगर एग्जिट पोल और 23 मई, 2019 का फाइनल रिजल्ट एक दिशा में रहता है, तो विपक्ष की ओर से ईवीएम को लेकर चलाए जाने वाले अस्तित्वहीन तर्क भी हार जाएंगे।'












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