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ये कैसे हुआ? राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति की यात्रा को लेकर टूटा प्रोटोकॉल! विदेश मंत्रालय में राजनयिक कैलेंडर की हुई अनदेखी?

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    नई दिल्ली। देश के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या फिर बाहर के देशों से आने वाले नेताओं की यात्रा और कार्यक्रमों को लेकर एक खास प्रोटोकॉल रहता है जिसका सख्ती से पालन होता है। लेकिन अभी कुछ ऐसा हुआ जिसमें राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति की विदेश यात्रा को लेकर बना प्रोटोकॉल टूट गया। इसे लेकर अब सवाल भी उठने लगे है। भारत का विदेश मंत्रालय वीवीआईपी लोगों की यात्रा के कार्यक्रमों को तय करता है और इस मामले में राजनयिक कैलेंडर की अनदेखी की बात हो रही है।

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    एक साथ राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति देश से रहे बाहर

    सात से नौ सितंबर तक देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू दोंनों एक साथ देश से बाहर रहे। कहा जा रहा है कि प्रोटोकॉल और परंपरा के मुताबिक एक वक्त में दोनों महामहिमों में से कोई एक ही विदेश दौरे पर रह सकता है। किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए दोनों में से किसी एक को देश में रहना जरूरी है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपनी तीन देशों की सात दिवसीय यात्रा पूरी कर के रविवार रात यानी 9 सितंबर को ही स्वदेश लौटे हैं। जबकि उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू इस वक्त शिकागो की यात्रा पर हैं, जहां वो विश्व हिंदू कांग्रेस के आयोजन में हिस्सा ले रहे हैं। इस कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कर रहा है। इसके अलावा उपराष्ट्रपति वहां 14 तेलुगू संगठनों की एक बैठक को भी संबोधित करेंगे। उपराष्ट्रपति कर्नाटक के रहने वाले हैं और तेलुगू उनकी मात्र भाषा है।

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    उपराष्ट्रपति को कोई औपचारिक निमंत्रण नहीं

    राष्ट्रपति कोविंद मध्य एशिया के तीन देशों- साइप्रस, बुल्गारिया और चेक रिपब्लिक की राजकीय यात्रा पर थे। लेकिन उपराष्ट्रपति की शिकागो यात्रा राजकीय है या नहीं ये साफ नहीं है। ये भी कहा जा रहा है कि उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को अमेरिकी उपराष्ट्रपति माइक पेंस की ओर से कोई औपचारिक निमंत्रण नहीं भेजा गया था। इसके अलावा ये भी साफ नहीं है कि उपराष्ट्रपति की शिकागो यात्रा के लिए संघ या बीजेपी ने विदेश मंत्रालय को कोई जानकारी दी थी या नहीं।

    दरअसल, परंपरा और प्रोटोकॉल के मुताबिक, विदेश मंत्रालय ये ध्यान रखता है कि राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति दोनों एक साथ विदेश दौरे पर ना रहें। किसी आपात परिस्थिति की संभावना के मद्देनजर ऐसा प्रोटोकॉल बनाया गया है।

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    English summary
    In an unprecedented situation, president, vice president out of the country at the same time

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