रिलायंस जियो की एंट्री से 5.65 फीसदी बढ़ी देश की GDP , बचाए 60 हजार करोड़
नई दिल्ली: रिलायंस जियो ने सिंतबर 2016 में टेलीकॉम इंडस्ट्री में एंट्री की, जिसके बाद टेलीकॉम कंपनियों में प्राइस वार शुरू हो गया। प्राइस वार का सीधा फायदा मिला ग्राहकों को मिला। जियो के भारतीय बाजार में एंट्री के बाद ग्राहकों को सालाना 10 अरब डॉलर (60 हजार करोड़) की बचत हुई। इस बात का खुलासा स्टीट्यूट फॉर कम्पटेटिवनेस (IFC) की तरफ से जारी की गई एक रिपोर्ट में हुआ है।

रिलायंस जियो के कारण देश के प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद में 5.65 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि रिलायंस जियो की वजह से देश में इंटरनेट सेवाओं के दामों में कमी आई है, जिसके कारण प्रति जीबी डेटा की औसत कीमत 152 रुपये से घटकर 10 रुपये हो गई है।
स्टीट्यूट फॉर कम्पटेटिवनेस (आईएफसी) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 'हमारी गणना के अनुसार अगर बहुत कम टैक्स पर भी आकलन किया जाए, रिलांयस जियो के आने से उपभोक्तओं को सालाना 60 हजार करोड़ की बचत हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जियो से जीडीपी में 6.65 फीसदी का योगदान दिया है।
आईएफसी ने अपनी रिपोर्ट 18 राज्यों के आंकड़ों के आधार पर दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इंटरनेट के बढ़ते प्रभाव से देश अर्थवयवस्था भी बढ़ोतरी हुई, क्योंकि इससे दूसरी कई चीजें जुड़ी हुई हैं। रिपोर्ट में 2004-18 से 18 राज्यों के आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया है। इसके मुताबिक अगर इंटरनेट की पहुंच 10 फीसदी बढ़ती है तो इससे प्रति व्यक्ति जीडीपी में 3.9 प्रतिशत का इजाफा होता है।
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