उमर बोले, बलूचिस्तान पर बात करने से पहले कश्मीर में लगी आग बुझाएं प्रधानमंत्री
श्रीनगर। बलूचिस्तान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर उमर अब्दुल्ला ने सवाल उठाए हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बलूचिस्तान का मुद्दा उठाने से पहले प्रधानमंत्री मोदी को कश्मीर में लगी आग बुझाने पर चर्चा करनी चाहिए।

उमर अब्दुल्ला के निशाने पर पीएम मोदी
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बलूचिस्तान को लेकर चर्चा की बात कर रहे हैं तो उससे पहले कश्मीर में लगी आग को बुझाने को लेकर भी उन्हें चर्चा करनी चाहिए।
उमर अब्दुल्ला ने मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब अपने घर में आग लगी हो तो बजाय अपने घर में आग बुझाने के हम दूसरे घर में आग लगाने का काम कर रहे हैं।
भारत-पाकिस्तान के बीच बातचीत के मुद्दे पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि हम दोनों देशों की बातचीत के समर्थक हैं। हमारा विश्वास है कि बातचीत वह तरीका है जिससे कोई हल निकल सकता है। अब ये उत्तरदायित्व दोनों देशों के प्रधानमंत्री यानी पीएम मोदी और नवाज शरीफ का है कि वह बातचीत का माहौल पैदा करें।
महबूबा मुफ्ती के बयान पर भी उठाए सवाल
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि भारत और पाकिस्तान जरूरी कदम उठाएंगे जिससे दोनों के बीच वार्ता शुरू हो सके। पिछले 40 दिनों से हमारी पार्टी ने प्रदेश का हालात को लेकर अच्छे विपक्ष का रोल निभाया है।
उमर अब्दुल्ला ने महबूबा मुफ्ती पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने कश्मीर के हालात के लिए खुद को छोड़कर सभी को जिम्मेदार ठहराया है। महबूबा मुफ्ती ने राज्य के हालात के लिए जवाहर लाल नेहरू से लेकर नरेंद्र मोदी तक सभी को जिम्मेदार ठहराया।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पीडीपी ने मेरी सरकार गिराने के लिए काफी कोशिश की, लेकिन मैं महबूबा मुफ्ती की सरकार गिराने को लेकर सोच नहीं सकता और न ही उनका इस्तीफा ही मांगूंगा। ये कुर्सी की लड़ाई नहीं है, बल्कि जम्मू-कश्मीर के भावी पीढ़ी की सुरक्षा के बारे में है।
घाटी में बिगड़े हालात की वजह जानने के लिए न्यायिक जांच की मांग
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जब आप कहते हैं कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है तो आप लोगों की नहीं बल्कि जमीन की बात करते हैं। आप यहां के लोगों को भी तो अपना बनाइये। अगर गुजरात में कोई समस्या होती है तो प्रधानमंत्री मोदी गुजराती में बोलते हैं, आखिर वो हमारी समस्या को इतना महत्व क्यों नहीं दे रहे हैं?
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घाटी में सेना के ज्यादा इस्तेमाल को लेकर केंद्र सरकार से जरूरी कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने घाटी के हालात को लेकर न्यायिक जांच की भी मांग की है।
बता दें कि हिजबुल आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से श्रीनगर में हालात बेहद खराब बने हुए हैं। कई इलाकों में हिंसात्मक प्रदर्शन इस दौरान हुए हैं। जिसका जिक्र उमर अब्दुल्ला ने अपनी बात में किया है।












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