Karnataka Elections 2018: नहीं मिला सरकार का न्योता तो कांग्रेस-JDS उठाएगी ये बड़ा कदम
बेंगलुरु। कर्नाटक में सरकार बनाने को लेकर बीजेपी और कांग्रेस-जेडीएस के बीच तनातनी लगातार बढ़ती चली जा रही है। जहां एक ओर 104 सीटें जीतकर आए येदुरप्पा राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का मसौदा पेश कर चुके हैं। तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस और जेडीएस को राज्यपाल सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं कर रहे हैं। इस बात से नाराज कांग्रेस ने राज्यपाल के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। कांग्रेस ने धमकी दी है कि अगर राज्यपाल उन्हें सरकार बनाने के लिए नहीं बुलाया तो वे धरने पर बैठ जाएंगे।

धरने पर बैठेंगे विधायक
बुधवार को सियासी खींचतान के बीच ऐसी खबरें आ रही है कि अगर कांग्रेस और जेडीएस को राज्यपाल द्वारा सरकार बनाने के लिए नहीं बुलाया जाता तो विधायक कल से राजभवन के बाहर धरने पर बैठेंगे। इस धरने में पार्टी के सांसद भी उनके साथ शामिल हो सकते हैं। हालांकि इसकी अभी तक पार्टियों की ओर से अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। वहीं कांग्रेस राज्यपाल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में भी जाने की तैयारी कर रही है।

विधायकों की चोरी की इजाजत नहीं होनी चाहिए
वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबीं आजाद ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, विधायकों की चोरी की इजाजत नहीं होनी चाहिए। कोई भी राज्यपाल संविधान के खिलाफ नहीं जा सकता। हम आपको नहीं बता सकते किसने हमसे बात की किसने नहीं। ऐसे वक्त पर हमें राज्यपाल में पूरा भरोसा है कि वह संविधान के अनुसार चलेंगे न कि पार्टी की राजनीति के अनुसार। दोनों ही पार्टियों (कांग्रेस और जेडीएस) के पास सरकार बनाने के लिए पर्याप्त नंबर मौजूद हैं। सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले को ध्यान में रखते हुए राज्यपाल हमें सरकार बनाने के लिए बुलाएंगे।

हमें अब तक गवर्नर से कोई संदेश नहीं मिला
वहीं गुलाम नबीं आजाद ने कहा कि, हमने राज्यपाल से 12-12.30 बजे आसपास का वक्त मांगा है, ताकि वे हमारे दो पत्र, कांग्रेस के विधायक दल का और जेडी (एस) विधायक दल का पत्र सौंप सकें। हमें अब तक गवर्नर से कोई संदेश नहीं मिला है।












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