COVID 19 के डेल्टा पल्स वैरिएंट के खिलाफ क्या Covaxin प्रभावी है ? ICMR के शोध में हुआ ये खुलासा
नई दिल्ली, 2 अगस्त। कोरोना वायरस का प्रकोप एक बार फिर देश के कुछ राज्यों में बढ़ रहा है। वैज्ञानिकों द्वारा दी गई भारत में कोरोना की तीसरी लहर की संभावना के बीच कोरोना का डेल्टा प्लस वैरियंट केस भी तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही ये सवाल उठ रहा है कि डेल्टा वैरियंट प्लस पर कोरोना की वैक्सीन प्रभावी है या नहीं? इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने वैक्सीन की इस वैरिएंट पर प्रभावशीलता को लेकर हाल ही में एक स्टडी की है। आईसीएमआर ने इस स्टडी के आधार पर दावा किया है कि भारत बायोटेक द्वारा तैयार की गई कोवैक्सिन COVID-19 के बड़े पैमाने पर डेल्टा प्लस वैरिएंट के खिलाफ प्रभावी है।
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बता दें Covaxin को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) के सहयोग से विकसित किया गया था। इससे पहले, भारत बायोटेक ने कहा था कि कोवैक्सिन ने COVID-19 के खिलाफ 77.8 प्रतिशत प्रभावशीलता और नए डेल्टा संस्करण के खिलाफ 65.2 प्रतिशत सुरक्षित है।
कोवैक्सीन के प्रभाव पर हुए विश्लेषण ने दिखाया कि कोवैक्सिन गंभीर कोविड -19 मामलों के खिलाफ 93.4 प्रतिशत प्रभावी है, जबकि सुरक्षा विश्लेषण से पता चला है कि प्रतिकूल घटनाएं प्लेसीबो के समान थीं, 12 प्रतिशत विषयों में आमतौर पर ज्ञात दुष्प्रभाव और गंभीर प्रतिकूल घटनाएं 0.5 प्रतिशत से कम की संभावना थी। । प्रभावकारिता डेटा ने स्पर्शोन्मुख COVID-19 के खिलाफ 63.6 प्रतिशत सुरक्षा का प्रदर्शन किया।












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