IAS Training LBSNAA: मसूरी में कैसे होती है आईएएस की ट्रेनिंग? जानिए सुबह 6 बजे से रात तक अफसरों का रूटीन
IAS Training at LBSNAA Mussoorie: पहले प्रारम्भिक परीक्षा (प्री), फिर मुख्य प्ररीक्षा (मेंस) और अंत में साक्षात्कार। तीनों चरण में सफल होना मतलब सिविल सेवक बनने का सपना पूरा हो जाना है। सभी अभ्यर्थियों की ट्रेनिंग की शुरुआत उत्तराखंड के मसूरी में वादियों के बीच स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) से होती है।
LBSNAA में 15 सभी अभ्यर्थियों के 15 हफ्ते के फाउंडेशन कोर्स के बाद आईएएस वहीं रुक जाते हैं। शेष अभ्यर्थी आईएफएस, आईआरएस आदि आगे के प्रशिक्षण के लिए अपनी-अपनी प्रशिक्षण अकादमी में चले जाते हैं। जैसे आईपीएस को तेलंगाना स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA) में ट्रेनिंग दी जाती है।

आज 21 अप्रैल 2025 को Civil Service Day के मौके पर आइए जानते हैं कि कैसे होती है IAS अधिकारियों की ट्रेनिंग और कैसा होता है उनका रूटीन।
सुबह की शुरुआत - अनुशासन का पहला सबक
मसूरी की ठंडी सुबह में जब आम लोग रजाई में होते हैं, तब IAS प्रोबेशनर्स की दिन की शुरुआत सुबह 6 बजे पीटी (Physical Training) से होती है। प्रशिक्षु अफसरों को मैदान में दौड़ लगानी होती है, योग और व्यायाम करना होता है। यह न केवल उनकी फिटनेस का ख्याल रखता है, बल्कि अनुशासन और मानसिक मजबूती भी सिखाता है।
8 बजे तक - नाश्ता और तैयारियां
व्यायाम के बाद सभी अफसर मेस में नाश्ता करते हैं और फॉर्मल यूनिफॉर्म में क्लास के लिए तैयार होते हैं। हर समय की पाबंदी यहाँ सिखाई जाती है।
9 से 1 बजे - क्लासरूम सेशन
दिन की पढ़ाई सुबह 9 बजे से शुरू होती है, जिसमें प्रशासन, नीति-निर्माण, कानून, अर्थशास्त्र, संविधान, सार्वजनिक प्रशासन जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं। वरिष्ठ ब्यूरोक्रेट्स, रिटायर्ड अफसर और विशेषज्ञ यहां लेक्चर देते हैं।
दोपहर 1 से 2 बजे - लंच ब्रेक
एक घंटे का लंच ब्रेक सभी प्रशिक्षुओं को दिया जाता है, जिसमें वे खाना खाने के साथ-साथ थोड़ा आराम कर सकते हैं।
2 से 5 बजे - फील्ड वर्क और ग्रुप डिस्कशन
दोपहर के सेशन में अक्सर केस स्टडीज, ग्रुप एक्सरसाइज़, प्रेजेंटेशन और मॉक सिचुएशन शामिल होती हैं। कई बार इन्हें फील्ड विज़िट पर भी भेजा जाता है, जैसे कि गांवों का प्रशासनिक दौरा या विकास योजनाओं का मूल्यांकन।
5 से 7 बजे - हॉबी क्लास और खेलकूद
शाम का समय व्यक्तित्व विकास के लिए होता है। कोई अफसर संगीत सीखता है, कोई नृत्य या कोई डिबेटिंग में हिस्सा लेता है। खेलकूद - जैसे कि क्रिकेट, फुटबॉल, बैडमिंटन - का भी समय होता है।
7 से 9 बजे - डिनर और इंटरैक्शन
डिनर के दौरान सभी प्रोबेशनर्स आपस में बातचीत करते हैं और सिनियर अधिकारियों से मिलने का मौका भी मिलता है। कई बार गेस्ट लेक्चर या डॉक्यूमेंट्री स्क्रीनिंग भी इस समय होती है।
9 बजे के बाद - सेल्फ स्टडी या आराम
दिन भर की व्यस्तता के बाद सभी अफसरों को सेल्फ स्टडी या आराम के लिए समय मिलता है। हालांकि, कई लोग अगले दिन की तैयारी में भी जुटे रहते हैं।
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