बेंगलुरु से दिल्ली तक IAF का लाइफ सेविंग मिशन, देश के तीन अस्पतालों में किया ऑर्गन्स का सफल एयरलिफ्ट
Indian Air Force: भारतीय वायुसेना (IAF) ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि आपात स्थितियों में उसकी भूमिका सिर्फ युद्ध तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन बचाने में भी वह अग्रणी भूमिका निभा सकती है। IAF ने एक ब्रेन डेड मरीज के अंगों को देश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचाकर पांच लोगों को नई जिंदगी देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
IAF ने इस पूरे ऑपरेशन की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की और ऑपरेशन की तस्वीरें भी पोस्ट कीं।

दिल्ली के आर्मी हॉस्पिटल तक पहुंचाई गई किडनी और कॉर्निया
इंडियन एयरफोर्स के अनुसार, 7 जून को एक किडनी और एक कॉर्निया को बेंगलुरु से दिल्ली के आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल) तक एयरलिफ्ट किया गया। यह अत्यंत संवेदनशील ट्रांसप्लांट मिशन समय की अत्यधिक मांग करने वाला था, जिसे IAF ने कमाल की समन्वय क्षमता के साथ पूरा किया।
शेष अंग - दूसरी किडनी, दूसरा कॉर्निया और मरीज की त्वचा का पहला स्किन हार्वेस्ट - बेंगलुरु स्थित कमांड हॉस्पिटल एयर फोर्स बैंगलोर (CHAFB) में प्रत्यारोपित किए गए। यह सर्जरी CHAFB और विक्टोरिया अस्पताल, बेंगलुरु की मेडिकल टीम के संयुक्त प्रयास से सफल हुई।
वहीं मरीज का लीवर ग्लेनीगल्स BGS हॉस्पिटल में सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया गया। भारतीय वायुसेना ने इस मिशन को 'जीवनसार्थकते कर्नाटक' नामक अंगदान समन्वय संस्था के सहयोग से अंजाम दिया। IAF ने इसे "सशस्त्र बलों की चिकित्सा समुदाय की असाधारण प्रतिबद्धता और चिकित्सा कौशल का उदाहरण" बताया।
डोनर की मौत, पांच को मिला नया जीवन
डोनर को 6 जून को ब्रेन डेड घोषित किया गया था। उसके परिजनों ने साहसिक निर्णय लेते हुए अंगदान की स्वीकृति दी, जिसके फलस्वरूप पांच व्यक्तियों को नई जिंदगी मिली। IAF ने इसे "पांच व्यक्तियों के लिए नई जिंदगी की शुरुआत" बताया।
इस संपूर्ण अभियान ने यह दिखा दिया कि भारतीय वायुसेना सिर्फ देश की सीमाओं की रक्षा नहीं करती, बल्कि मानवता की सेवा में भी अग्रणी है। इस ऑपरेशन में शामिल सभी डॉक्टर्स की टीम, अस्पतालों और IAF के प्रयासों ने अंगदान के महत्व को और अधिक रेखांकित किया है, जो आज के समय में जीवन बचाने का सबसे सशक्त माध्यम बन चुका है।












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