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IAF Border Drill: 7 मई से बॉर्डर पर भारत के राफेल-सुखोई और मिराज की दहाड़! पल-पल कांपेगा अब पाकिस्तान

IAF India Pakistan Border Drill: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब भारतीय वायुसेना ने एक बड़ा कदम उठाया है। 7 और 8 मई को राजस्थान के रेगिस्तानी इलाके में भारत-पाक बॉर्डर के पास एक जबरदस्त हवाई अभ्यास शुरू होने जा रहा है, जिसमें भारत के सबसे ताकतवर लड़ाकू विमान-राफेल, मिराज 2000 और सुखोई-30MKI हिस्सा लेंगे।

इस अभ्यास की टाइमिंग खास है क्योंकि उसी दिन पूरे देश में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल भी हो रही है। यानी एक तरफ आम नागरिकों को अलर्ट रहने का प्रशिक्षण मिलेगा, और दूसरी तरफ भारत की वायुशक्ति दुश्मन को साफ संदेश देगी-हम पूरी तरह तैयार हैं।

IAF India PAK Border Drill

सरकार ने इस अभ्यास के लिए NOTAM (Notice to Airmen) जारी किया है, जो बताता है कि यह कोई सामान्य ट्रेनिंग नहीं, बल्कि एक हाई-इंटेंसिटी ऑपरेशन है। इसमें दिन और रात दोनों वक्त उड़ानें होंगी और इसका मकसद है वायुसेना की रियल टाइम लड़ाकू क्षमता को परखना।

तो आखिर ये तीन फाइटर जेट्स क्यों खास हैं?

  • राफेल: फ्रांस से आए इस मल्टी-रोल फाइटर में Meteor मिसाइल से लेकर SCALP क्रूज़ मिसाइल तक लगे हैं। ये हवा में ही दुश्मन को खत्म कर सकता है और जमीन पर भी घातक हमले कर सकता है।
  • मिराज 2000: कारगिल और बालाकोट जैसी ऐतिहासिक कार्रवाई में इसकी भूमिका जबरदस्त रही है। तेज, भरोसेमंद और उच्च ऊंचाई पर परफॉर्म करने वाला यह जेट अब भी भारत की ताकत बना हुआ है।
  • सुखोई-30MKI: ये 'सुपर सुखोई' भारत में बना सबसे शक्तिशाली फाइटर जेट है। ये हवा में ब्रह्मोस मिसाइल भी ले जा सकता है और जरूरत पड़ी तो एक साथ कई टारगेट्स पर हमला कर सकता है।

देशभर में नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल

7 मई को पूरे भारत में नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी, जिसे 'ऑपरेशन अभ्यास' नाम दिया गया है। इसका उद्देश्य नागरिकों को आपातकालीन स्थितियों, जैसे हवाई हमले या ब्लैकआउट, के लिए तैयार करना है। ड्रिल में हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन, ब्लैकआउट अभ्यास, बंकरों की सफाई, और नागरिकों को सुरक्षित रहने के तरीके सिखाए जाएंगे। इसमें स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी और निजी संस्थानों के कर्मचारी, पुलिस, होम गार्ड, एनसीसी, एनएसएस और अन्य स्वयंसेवक भाग लेंगे।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद बढ़ी सतर्कता

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ सभी व्यापारिक संबंध समाप्त कर दिए हैं और अधिकांश पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय सेना को पूर्ण परिचालन स्वतंत्रता दी है, ताकि वे समय और परिस्थिति के अनुसार उचित कार्रवाई कर सकें।

क्या आम जनजीवन प्रभावित होगा?

इस बड़े अभ्यास के बावजूद, सार्वजनिक परिवहन, बैंक, स्कूल और अन्य सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहेंगी। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में ब्लैकआउट अभ्यास के दौरान बिजली कुछ समय के लिए बंद की जा सकती है। लोगों से अनुरोध है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।

विस्तार से जानें फाइटर जेट्स की खासियत...

राफेल (Rafale)

  • निर्माता: डसॉल्ट एविएशन (Dassault Aviation), फ्रांस
  • प्रकार: ओमनी-रोल (Omnirole) ट्विन-इंजन फाइटर जेट
  • स्पीड: मैक्सिमम स्पीड Mach 1.8 (लगभग 1,912 किमी/घंटा)
  • रेंज: लगभग 3,700 किमी
  • अस्त्र-शस्त्र: मेटेओर (Meteor) और स्कैल्प (SCALP) मिसाइलें, हैमर (HAMMER) बम, और 30 मिमी की तोप

फीचर्स:

  • RBE2 AESA रडार और SPECTRA इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम
  • डेल्टा विंग और कैनार्ड डिज़ाइन से उच्च गतिशीलता
  • विभिन्न मिशनों के लिए उपयुक्त: एयर सुपीरियोरिटी, ग्राउंड अटैक, रीकॉनिसेंस, आदि

भारत में स्थिति: भारतीय वायुसेना के पास 36 राफेल विमान हैं। हाल ही में, भारत ने नौसेना के लिए 26 और राफेल विमानों की खरीद के लिए $7.4 बिलियन का समझौता किया है, जिनकी डिलीवरी 2030 तक पूरी होने की योजना है।

मिराज 2000 (Mirage 2000)

  • निर्माता: डसॉल्ट एविएशन (Dassault Aviation), फ्रांस
  • प्रकार: सिंगल-इंजन डेल्टा विंग मल्टीरोल फाइटर
  • स्पीड: मैक्सिमम स्पीड Mach 2.2 (लगभग 2,336 किमी/घंटा)
  • रेंज: लगभग 3,000 किमी
  • अस्त्र-शस्त्र: सुपर 530D, मैजिक-II एयर-टू-एयर मिसाइलें, AS-30L एयर-टू-सर्फेस मिसाइलें, और 30 मिमी की तोप

फीचर्स:

  • उच्च गति और ऊंचाई पर उत्कृष्ट प्रदर्शन
  • सटीक स्ट्राइक क्षमताएं, कारगिल युद्ध में प्रभावशाली भूमिका
  • सिंपल डिज़ाइन और मेंटेनेंस में आसानी

भारत में स्थिति: भारतीय वायुसेना ने 1980 के दशक में मिराज 2000 को शामिल किया और वर्तमान में इसके उन्नयन की प्रक्रिया जारी है।

सुखोई-30MKI (Sukhoi Su-30MKI)

  • निर्माता: सुखोई (Sukhoi), रूस; HAL (हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड), भारत
  • प्रकार: ट्विन-इंजन, ट्विन-सीटर मल्टीरोल फाइटर
  • स्पीड: मैक्सिमम स्पीड Mach 2+ (लगभग 2,120 किमी/घंटा)
  • रेंज: 3,000 किमी (बिना ईंधन भराई), 8,000 किमी (इन-फ्लाइट रिफ्यूलिंग के साथ)
  • अस्त्र-शस्त्र: R-77, R-73 एयर-टू-एयर मिसाइलें, KH-59, KH-31 एयर-टू-सर्फेस मिसाइलें, और 30 मिमी की तोप

फीचर्स:

  • थ्रस्ट वेक्टरिंग और कैनार्ड्स से सुपरमेन्युवरेबिलिटी
  • NIIP N011M Bars रडार से मल्टी-टारगेट ट्रैकिंग
  • लंबी दूरी की उड़ान और इन-फ्लाइट रिफ्यूलिंग क्षमता
  • भारतीय और विदेशी तकनीकों का संयोजन

भारत में स्थिति: भारतीय वायुसेना के पास लगभग 260 सुखोई-30MKI विमान हैं, जो इसकी लड़ाकू शक्ति की रीढ़ हैं।

7 मई को होने वाले मॉक ड्रिल का उद्देश्य क्या है?

इसका उद्देश्य नागरिकों को आपातकालीन स्थितियों, जैसे हवाई हमले या ब्लैकआउट, के लिए तैयार करना और वायुसेना की युद्ध संबंधी तैयारियों की जांच करना है।

क्या मॉक ड्रिल के दौरान बिजली कटेगी?

कुछ क्षेत्रों में ब्लैकआउट अभ्यास के दौरान बिजली कुछ समय के लिए बंद की जा सकती है, लेकिन यह पूर्व निर्धारित होगा और लोगों को पहले से सूचित किया जाएगा।

क्या मॉक ड्रिल के दौरान स्कूल और ऑफिस बंद रहेंगे?

नहीं, सभी स्कूल, कॉलेज और ऑफिस सामान्य रूप से खुले रहेंगे। मॉक ड्रिल के दौरान केवल अभ्यास किया जाएगा, जिससे जनजीवन प्रभावित नहीं होगा।

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