Hyderabad Pune Highway Upgrade: ₹1,350 करोड़ की लागत से बनेगा 6 लेन हाईवे, प्रोजेक्ट के लिए नई डेडलाइन
Hyderabad Pune Highway Upgrade: पुणे और हैदराबाद देश के दो प्रमुख आईटी सिटी हैं। इन दोनों शहरों की कनेक्टिविटी को विस्तार देने के लिए केंद्र सरकार कई बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। बुलेट ट्रेन के अलावा नेशनल हाईवे (NH-65) के 6-लेन चौड़ीकरण का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत संगारेड्डी एक्स रोड्स (किमी 493/0) से मदीनागुड़ा (किमी 524/0) तक लगभग 31 किलोमीटर लंबे हिस्से को अपग्रेड किया जा रहा है।
यह सेक्शन तेलंगाना और महाराष्ट्र के बीच कनेक्टिविटी को और अधिक सुगम बनाएगा। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 163.18 मिलियन डॉलर यानी लगभग ₹1,350 करोड़ से अधिक है। आधिकारिक तौर पर निर्माण कार्य 4 जुलाई 2024 से शुरू हो चुका है और इसे 3 जुलाई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

Hyderabad Pune Highway Upgrade: 17 ब्लैक स्पॉट्स की पहचान
- वर्तमान में यह प्रोजेक्ट 'नोटिस टू प्रोसीड' चरण में है, जिसका अर्थ है कि सभी आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी मंजूरियां मिल चुकी हैं और जमीनी स्तर पर काम जारी है।
- सुरक्षा के लिहाज से भी इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हाईवे पर दुर्घटनाओं को कम करने के लिए 17 'ब्लैक स्पॉट्स' की पहचान की गई है।
- इन स्थानों पर फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए जा रहे हैं ताकि ट्रैफिक का प्रवाह सुचारु रहे और हादसों की आशंका घटे। भारी वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह अपग्रेड बेहद जरूरी माना जा रहा था।
- इस कॉरिडोर का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह पुणे और हैदराबाद जैसे दो प्रमुख शहरों को जोड़ता है। अपग्रेड पूरा होने के बाद यात्रा समय में कमी आएगी और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बड़ा लाभ मिलेगा।
Hyderabad Pune Highway: हैदराबाद से विजयवाड़ा के बीच बनेगा 229 किमी का 6 लेन
इसी हाईवे के दूसरे छोर पर हैदराबाद से विजयवाड़ा के बीच 229 किलोमीटर लंबे हिस्से को भी 6-लेन करने की मंजूरी मिल चुकी है। इस सेक्शन पर काम फरवरी 2026 में शुरू होने का प्रस्ताव है। वहीं, पुणे से सोलापुर के बीच भी कई हिस्सों में 4-लेन से 6-लेन में परिवर्तन और मजबूतीकरण का कार्य चरणबद्ध तरीके से जारी है। परियोजना के पूरा होने के बाद न केवल ट्रैफिक जाम में कमी आएगी, बल्कि औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह अपग्रेड पश्चिम और दक्षिण भारत के बीच आर्थिक गलियारे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा।












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