• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

VIDEO: कश्मीरी युवक के निशाने पर आए अलगाववादी नेताओं, गिलानी पर लगाया दोहरा रवैया अपनाने का आरोप

|

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में अब लोगों ने अलगाववादियों के खिलाफ आवाज उठानी शुरु कर दी है। नौहट्टा में शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान सीआरपीएफ के वाहन पर कश्मीरी युवकों द्वारा पत्थरबाजी की गई। इस दौरान कैसर अहमद नाम का एक पत्थरबाज युवक सीआरपीएफ वाहन के नीचे आ गया। गंभीर रुप से घायल कैसर को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जिसके बाद युवक की मौत हो गई थी।

kashmir

सीआरपीएफ की जीप की नीचे आने वाले पत्थरबाज के परिवार के एक सदस्य ने हुर्रियत नेता सईद अली गिलानी पर युवाओं की मौत पर राजनीति करने का आरोप लगाया। हुर्रियत नेताओं की बैठक का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें यह सदस्य गिलानी पर कई गंभीर आरोप लगा रहा है। उसने हुर्रियत नेताओं की निंदा की और गिलानी पर पाखंडी होने का आरोप लगाया।

गुस्साए युवक ने कहा कि, गिलानी ने शब्बीर शाह की बेटी डीपीएस की छात्रा समा शब्बीर को रोल मॉडल बताया था। मैं उन्हें बधाई देता हूं वे यूथ के लिए, स्टूडेंट के लिए रोल मॉडल हैं। साथ ही उसने कहा- एक समय था मैं भी इस गिलानी साहब के साथ था। गिलानी साहब कहते थे आप अपने बच्चों को किसी मिशनरी स्कूल में मत भेजो।

गुस्साए युवक ने अपने नेताओं से सवाल किया, जो बंदा शहादत के बाद एक घंटे में सुपूर्द ए खाक होना चाहिए। उसका शव सड़क पर नुमाइश के लिए रखा गया। कैसर जिसे ये नहीं पता शहादत होता क्या है? ऐसे होते हैं आपके बच्चे। सिर्फ नारेबाजी होती है। युवक वीडियो में बोलता दिख रहा है कि , ऐसे लाखों लोग हैं जो अब हुर्रियत के नाम से डरते हैं।

अधिक श्रीनगर समाचारView All

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Hurriyat leader Syed Ali Shah Geelani Kashmiri youth Kaiser Ahmed Sama Shabir
For Daily Alerts

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more