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कैसे खत्म होगा कोरोना ? मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार की ये बातें मान लें तो मुमकिन है

नई दिल्ली, 20 मई: भारत सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार ने कोविड ट्रांसमिशन रोकने के लिए कुछ बेहद ही आसान टिप्स दिए हैं। उन्होंने 'ट्रांसमिशन रोकिए, महामारी को कुचलिए' नाम से सामान्य गाइडलाइंस जारी किए हैं, जिसमें मास्क पहनने के तरीके, दूरी, स्वच्छता और वेंटिलेशन के जरिए कोविड संक्रमण पर काबू करने के उपाय सुझाए गए हैं। इस गाइडलाइंस में साफ किया गया है कि अगर लोग कुछ सामान्य बातों को पूरी तरह से अपनाना शुरू कर दें तो कोरोना वायरस के संक्रमण को कम किया जा सकता है। दूसरी लहर की भयानकता और तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच नई एडवाइजरी लोगों के लिए आंख खोलने वाला है, जिसमें तस्वीरों के माध्यम से कोविड से बचाव की बाते समझायी गई है।

'ट्रांसमिशन रोकिए, महामारी को कुचलिए'

'ट्रांसमिशन रोकिए, महामारी को कुचलिए'

कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए जारी नई गाइडलाइंस में कहा गया है कि कोरोना वायरस लार, थूक और नाक या सांस के जरिए होने वाले डिस्चार्ज से फैल सकता है। म्यूटेशन की वजह से नए वेरिएंट भी पैदा हो सकते हैं। कुछ वेरिएंट का ट्रांसमिशन और संक्रमण दर बहुत ही ज्यादा हो सकता है। अगर ऐसे में कोविड अनुकूल बर्ताव नहीं किया गया तो संक्रमण में फिर से तेजी आ सकती है। यह वायरस बहुत ही जल्द चंद लोगों से एक बहुत बड़ी आबादी को अपनी चपेट में ले सकता है। सबसे बड़ी ध्यान रखने वाली बात ये है कि जिन लोगों में कोई लक्षण नहीं होता, वह भी दूसरों को इससे बुरी तरह संक्रमित कर सकते हैं।

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    एयरोसोल हवा में 10 मीटर तक वायरस लेकर जा सकता है

    एयरोसोल हवा में 10 मीटर तक वायरस लेकर जा सकता है

    एक शख्स से दूसरे शख्स तक इंफेक्शन पहुंचने के तीन रास्ते हैं। एयरोसोल, ड्रॉपलेट्स और सरफेस। जब संक्रमित व्यक्ति सांस लेता है, बातें करता है, गाता है, हंसता है, खांसता है या छींकता है तो वह संक्रमण फैला सकता है। एयरोसोल और ड्रॉपलेट्स के जरिए वायरस एक से दूसरे व्यक्ति तक पहुंच सकता है। अगर ड्रॉपलेट्स की साइज बड़ी है तो वह सरपेस पर दो मीटर के दायरे में गिर जाता है, लेकिन एयरोसोल के रूप में छोटे कणों के साथ वायरस हवा में ज्यादा दूर तक चले जाते हैं। ऐसे में बंद जगहों में जहां पर सही वेंटिलेशन नहीं है, ट्रांसमिशन का खतरा बहुत ही ज्यादा बढ़ जाता है। इस तरह से ड्रॉपलेट्स और एयरोसोल संक्रमण की मुख्य वजहें हैं। लेकिन, खुले स्थानों पर वायरस के कण बहुत जल्द बिखर जाते हैं। एयरोसोल हवा में 10 मीटर तक वायरस लेकर जा सकता है।

    सरफेस ट्रांसमिशन कैसे होता है ?

    सरफेस ट्रांसमिशन कैसे होता है ?

    संक्रमित व्यक्ति के आसपास का सरफेस भी ड्रॉपलेट्स की वजह से संक्रमित हो जाता है। जब कोई दूसरा व्यक्ति उस जगह को छूता है और बिना साबुन से हाथ धोए, अपने मुंह, नाक और आंखों को छू लेता है तो वह भी वायरस की चपेट में आ सकता है। ग्लास, प्लास्टिक और स्टेनलेस स्टील पर यह वायरस काफी लंबे वक्त तक जिंदा रह सकता है। इसलिए ऐसे सभी सरफेस की निरंतर ब्लीच और फिनाइल जैसे डिसइंफेक्टेंट से सफाई होनी जरूरी है।

    अब डबल मास्क ही है सुरक्षा का उपाय

    अब डबल मास्क ही है सुरक्षा का उपाय

    सलाह दी गई है कि घर में बने डबल लेयर वाले कॉटन मास्क भी बिना मास्क के रहने से बेहतर है। अधिकतम सुरक्षा के लिए एन95 मास्क लगाना चाहिए। अगर संक्रमित व्यक्ति और दूसरा शख्स दोनों ने मास्क नहीं लगाया है तो यह अत्यधिक जोखिम वाला मामला हो सकता है। इसलिए घर से बाहर मास्क पहनकर ही निकलिए और जब बाहर से लोग आए हों तो घर में भी मास्क पहनकर रहिए। इसबार लोगों को दो मास्क पहनने की सलाह दी गई है। पहले सर्जिकल मास्क और उसके ऊपर टाइट फिटिंग कपड़े वाला मास्क। अगर सर्जिकल मास्क नहीं है तो दो कॉटन मास्क एकसाथ पहनिए। संक्रमित और गैर-संक्रमित दोनों व्यक्ति के उचित मास्क पहनने की स्थिति में संक्रमण का खतरा बहुत ही कम हो जाता है। सर्जिकल मास्क को कभी भी धोना नहीं चाहिए। आमतौर पर इसे एक ही बार इस्तेमाल किया जाना चाहिए। अगर दो मास्क के साथ पहना जाता है तो पांच बार तक इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन एकबार उपयोग करने का बाद सात दिन तक सूखे स्थान पर रखने के बाद। (धूप में भी डाला जा सकता है)

    घर में वेंटिलेशन का रखें पूरा ख्याल

    घर में वेंटिलेशन का रखें पूरा ख्याल

    घर के अंदर की हवा को बाहर निकालने के लिए बाहरी हवा का प्रवेश जरूरी है। अगर घर में कोविड पॉजिटिव व्यक्ति हों तो ऐसी स्थिति में वायरस के वहां मौजूद होने का जोखिम कम होता है। आदर्श वेंटिलेशन की स्थिति में एक तरफ हवा आने का उचित रास्ता हो और फिर अंदर की हवा निकालने के लिए एग्जॉस्ट सिस्टम की व्यवस्था हो तो यह बहुत ही सही स्थिति है। इसके लिए पैडस्टल फैन के इस्तेमाल की भी सलाह दी गई है। एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया कि डबल मास्क, उचित वेंटिलेशन, 6 फीट की शारीरिक दूरी, साबुन से हाथों की बार-बार सफाई, कोविड पॉजिटिव मरीजों का आइसोलेशन और सरफेस को लगातार डिसइंफेक्ट किया जाए तो कोरोना को हराया जा सकता है और महामारी को कुचला जा सकता है। 'ट्रांसमिशन रोकिए, महामारी को कुचलिए': पूरी गाइडलाइंस देखने के लिए इसपर क्लिक कीजिए

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