तो गर्मी की वजह से आने वाले समय में सिर्फ नाइट शिफ्ट में होगा काम!
नई दिल्ली। जैसे-जैसे धरती का तापमान बढ रहा है वैसे ही वैसे अब लोगों ने इसका जिक्र भी शुरू कर दिया है। इसी बढते तापमान और गर्मी का नतीजा अब भारत में उन लोगों पर पड़ने वाला है जो दिन में ज्यादा काम करना पसंद करते हैं। यूनाइटेड नेशंस की एक रिपोर्ट का दावा है कि आने वाले दिनों में गर्मी का असर भारत में दिन में काम के घंटों पर भी पड़ेगा।

क्या कहती है रिपोर्ट
इंडियास्पेंड की ओर से यूनाइटेड नेशंस की रिपोर्ट में दिए गए कुछ आंकड़ों की पड़ताल की है। इसी आधार पर यह बात कही गई है। वर्ष 2025 तक भारत में हर वर्ष दिन में काम करने के घंटों में करीब 3.6 प्रतिशत से गिरावट दर्ज होगी।
यूनाइटेड नेशंस डेवलपमेंट प्रोग्राम (यूएनडीपी) की रिपोर्ट क्लाइमेट चेंज पर आधारित है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि दिन में काम करने के घंटों में वर्ष 2055 तक 5.2 प्रतिशत और वर्ष 2085 तक आठ प्रतिशत तक की गिरावट होगी। यूएनडीपी की रिपोर्ट में बढ़ते तापमान और इसका उत्पादकता पर पड़ने वाले असर के बीच का अध्ययन किया गया।
रिपोर्ट की मानें तो साउथ एशियन कंट्रीज में बढ़ते तापमान और गर्मी की वजह से काम करने के घंटों में खासी गिरावट दर्ज होगी। रिपोर्ट में पता लगा कि यूरोपियन और साउथ अमेरिकन देशों में बढ़ते तापमान का काम करने के घंटों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सबसे ज्यादा असर बुरकिना फासो, कंबोडिया, पाकिस्तान और मालद्वीव पर होगा।
गर्मी ने तोड़े कई रिकॉर्ड
मई में भारत में गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया जब राजस्थान के फालोदी में पारा 51 डिग्री तक पहुंच गया था। वहीं तेलंगाना में गर्मी की वजह से 315 लोगों की मौत हो गई थी। अप्रैल 2016 में भारत में गर्मी ने पिछले 23 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया था।
तापमान में करीब 296 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है। वहीं वर्ष 2015 लगातार तीसरा वर्ष था जब देश मे गर्मी ने सार रिकॉर्ड्स तोड़ डाले। वर्ष 1992 से 2015 तक भारत में गर्मी की वजह से 22,563 लोगों की मौत हो चुकी है। भारत ने वर्ष 1901 से गर्मी और इसके असर को रिकॉर्ड करना शुरू किया है।












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